•~नमाज पढ़ने के बाद मुस्लिम भाइयों ने एक दूसरे से गले मिलकर दी ईद मुबारक
•~नगर पंचायत चुर्क-गुर्मा ने की साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था
•~प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
•~ चोपन थाना तथा गुरमा चौकी पुलिस लगातार करती रही गश्त
सदर संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता/ समाज जागरण
सोनभद्र। चोपन थाना तथा गुरमा चौकी क्षेत्र के गुरमा,मारकुंडी, सलखन इत्यादि इलाकों मे ईद-उल- फितर का पर्व बड़े ही आस्था, धूमधाम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जहां ईदगाहों और मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने बड़े अकीदत के साथ ईद उल फितर की नमाज़ अदा की।ईदगाह में पेश इमाम हाफिज मुमताज अहमद (दुद्धी) ने नमाज पढ़ाई, जबकि सलखन में इमाम इसराइल ने नमाज पढ़ाई। वहीं नमाज पढ़ने के बाद मुस्लिम भाइयों ने एक दूसरे से गले मिलकर ईद का मुबारक दिए। आसपास के गांवों से भी भारी संख्या में लोग नमाज के लिए पहुंचे, जिससे ईदगाह परिसर खचाखच भरा नजर आया। नमाज के दौरान मुल्क की हिफाजत, तरक्की, अमन-चैन और आपसी भाईचारे के लिए दुआएं मांगी गईं।ईद की नमाज़ बड़ेअकीदत और शांति पूर्ण माहौल में अदा की गई।ईद का यह एक ऐसा त्यौहार है जो खुशियों का त्यौहार है।नए-नए कपड़े पहनकर नमाजियों ने ईदगाह पर पहुंचे ईद का नमाज अदा करने के लिए।वहीं बुजुर्ग नौजवान के साथ छोटे-छोटे बच्चे भी नमाज पढ़ने के लिए गये।लोगों के चेहरे पर खुशी देखने को मिला।
जानकारों की माने तो ईद-उल- फितर इस्लाम धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस पर्व को मीठी ईद के नाम से भी जाना जाता है।यह त्योहार रमजान के पाक महीने के खत्म होने पर मनाया जाता है। खुशी और भाईचारे का पर्व ईद-उल- फितर बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन लोग मस्जिदों में नमाज़ अदा करते हैं, गले मिलते हैं और एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हैं।मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज़ के समय पहले ही तय कर दिए गए हैं।ईद के दिन की शुरुआत खास नमाज़ से होती है, जिसे ‘ईद की नमाज़’ कहा जाता है। दरअसल, मुस्लिम कैलेंडर का नौवां महीना, रमज़ान सबसे पवित्र समयों में से एक है, क्योंकि इसी महीने में पवित्र ग्रंथ कुरान नाज़िल हुआ था।रमज़ान के आखिर में ईद-उल-फितर रोज़ा तोड़ने का जश्न होता है। इस दिन दोस्त और परिवार के लोग मिलकर दावत करते हैं और एक-दूसरे को तोहफे देते है। त्योहार को लेकर इलाके के बाजारों और आसपास के गांवों में विशेष रौनक देखने को मिली।बच्चों ने नए कपड़े पहनकर बड़ों से आशीर्वाद और ईदी प्राप्त की, वहीं महिलाओं ने घरों में विशेष पकवान बनाकर परिवार और रिश्तेदारों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।मुस्लिम समाज के लोगों ने गरीबों और जरूरतमंदों में भोजन व मिठाइयां वितरित कर इंसानियत और भाईचारे का संदेश दिया। इस मौके पर नगर पंचायत चुर्क-गुर्मा की ओर से साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था की गई थी। वहीं प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। सुरक्षा के मद्देनजर रखते हुए सलखन में चोपन थाने की पुलिस मौजूद रही तथा चौकी प्रभारी गुरमा अतुल पटेल पुलिस बल के साथ लगातार गश्त करते रहे ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहे।इस पावन पर्व पर सभासद अशफाक कुरैशी, हाजी एजाज खान, हाजी मंसूर खान, एकलाख खान, इरशाद खान, अफसर खान, अख्तर खान, अंशु, कुतुबुद्दीन, महफूज, नफीस आलम, मोहसिन अंसारी, सैफ खान, सेराज आलम, शहजाद कुरैशी, इश्तियाक कुरैशी, अहमद अली ‘बाबा’, अहद अली, गुड्डू अंसारी, सदर आफताब शाह, मुस्तफा, खुर्शीद सरफुद्दीन, असलम, अहमद, अब्दुल कलाम, अब्दुल्ला, गुलशन सरोज, अनिल कुमार, दयाशंकर समेत सैकड़ों हिंदू- मुस्लिम बंधु उपस्थित रहे।
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