कुलदीप सिंह
लखीमपुर खीरी।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) प्रबंधन द्वारा अपने ही आदेशों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों पर परिचालन एवं अनुरक्षण कार्य में तैनात आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों ने शुक्रवार को जनपद सहित प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने 29 नवंबर 2025 को जारी किए गए कार्यवृत्त/समझौता पत्र की प्रति का दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
आउटसोर्स कर्मचारियों का आरोप है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा लगभग 15 हजार कर्मचारियों की छंटनी, कार्य के अनुरूप अनुबंध न करने, ₹18,000 न्यूनतम वेतन निर्धारित न करने, हटाए गए कर्मचारियों को पुनः कार्य पर न लेने, घायल कर्मचारियों का कैशलेस उपचार न कराने तथा उपचार पर हुए व्यय का भुगतान संविदाकारों के बिल से न करने जैसे गंभीर मुद्दों की अनदेखी की जा रही है।
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि 55 वर्ष की आयु का हवाला देकर अनुभवी कर्मचारियों को हटाया जा रहा है, तीन माह का वेतन रोका गया है, अनावश्यक कार्य दबाव बनाकर नोटिस दिए जा रहे हैं, ड्यूटी चार्ट उपलब्ध नहीं कराए जा रहे, ईपीएफ का वाईसी नहीं कराया जा रहा, एक से अधिक यूएएन नंबरों का विलय नहीं हो रहा, ईएसआई कार्ड उपलब्ध नहीं कराए जा रहे तथा वर्टिकल व्यवस्था लागू कर कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है।
संगठन पदाधिकारियों ने बताया कि नवंबर 2025 में शक्ति भवन, लखनऊ में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान निदेशक (कार्मिक प्रबंधन एवं प्रशासन) की अध्यक्षता में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन व संगठन के बीच वार्ता हुई थी। उस बैठक में यह सहमति बनी थी कि दिनांक 15 मई 2025 के आदेश का उल्लंघन कर किसी भी कर्मचारी को कार्य से नहीं हटाया जाएगा, 55 वर्ष के आधार पर हटाए गए कर्मचारियों को रिक्त पदों पर समायोजित किया जाएगा तथा वर्टिकल व्यवस्था लागू होने पर भी किसी कर्मचारी को नहीं हटाया जाएगा।
इसके साथ ही ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर 18 सितंबर 2025 को जारी आदेश के अनुसार मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को पुनः कार्य पर लिए जाने, घायल कर्मचारियों के उपचार व्यय का भुगतान तथा मीटर रीडरों को न्यूनतम वेतन से कम भुगतान की जांच कराने पर भी सहमति बनी थी।
कर्मचारियों का कहना है कि 29 नवंबर 2025 को जारी कार्यवृत्त उक्त सहमतियों के अनुरूप नहीं है, जिससे आक्रोशित होकर संगठन ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया।
जनपद लखीमपुर खीरी में शाम 4 बजे सभी संविदा कर्मचारी अपने-अपने उपकेंद्रों पर एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन करते हुए पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा जारी कार्यवृत्त की प्रति का दहन किया।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



