मामला उमरिया जिले का
उमरिया —उमरिया जिले में श्रमिकों का शोषण बदस्तूर जारी है, लेकिन श्रमिकों के हितों की रक्षा करने वाले श्रम विभाग पर इस शोषण को लेकर उंगलियां उठने लगी है । ऐसा ही संवेदनशील मामले के प्रकाश में आने के बाद प्रतीत होता है कि श्रमिकों के शोषण में श्रमिकों के हितों का संरक्षण करने वाला विभाग खुद ब खुद संलिप्त नजर आ रहा है । मामले के संबंध में मिली जानकारी अनुसार रामकुमार पिता भीमसेन साहू निवासी बेलमना पोस्ट ओबरा तहसील बिलासपुर थाना चंदिया जो कि जल निगम ठेकेदार बारूनी इन्फ्राकांन प्राइवेट लिमिटेड के व्दारा जल निगम का काम कराया जा रहा था ।इस काम में रामकुमार बतौर चौकीदार 24 घंटे काम करता रहा ।जिसे नौ हजार रुपए प्रतिमाह की दर से रखा गया,जिसका भुगतान 4500 चार हजार पांच सौ रूपए की दर से भुगतान किया गया,शेष राशि कार्य पूर्ण होने के पश्चात देने की शर्त रखी गई थी ।वारूनी इन्फाकांन लिमिटेड व्दारा उक्त शेष राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा । पीड़ित रामकुमार ने श्रम अधिकारी उमरिया को लिखित आवेदन पत्र देकर निवेदन किया था कि मैं उक्त ठेकेदार के यहां 2020 फरवरी से वर्ष 2023 जून तक नियमित रूप से 42 माह काम किया हूं ,जिसका वेतन भुगतान 1,89 000.00 रूपये अभी भी शेष है ,जिसका भुगतान संबंधित ठेकेदार व्दारा नहीं किया गया । पीड़ित रामकुमार ने बतलाया कि श्रम अधिकारी के व्दारा मुझे बुलाकर कहा गया कि शेष राशि में से आधी राशि मुझे देना हो तो भुगतान कराया जायेगा ।शर्त पूरी नही होने पर पीड़ित को आज भी न्याय के लिए भटक रहा है । जानकार सूत्रों का मानना है कि श्रम विभाग के व्दारा संबंधित ठेकेदार से सांठगांठ कर मामले को रफा-दफा कर दिया गया है ।इस प्रकार से देखा जाए तो श्रम अधिकारी ठेकेदारो के कार्यो में संलिप्त होकर खुद ब खुद शोषण में सहभागी बनें हुए हैं । अपेक्षा है कि जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इस ओर आवश्यक पहल करते हुए पीड़ित को न्याय दिलाने में महती भूमिका निभायेंगे ।



