फेक न्यूज एवं पेड न्यूज पर नियंत्रण को लेकर जिला प्रशासन हुआ सक्रिय, डिजिटल मीडिया प्रतिनिधियों को दिए निर्देश

एम.सी.एम.सी. प्रमाणन के बिना कोई राजनीतिक विज्ञापन प्रसारित न करें – जिलाधिकारी विशाल राज

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज
बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के परिप्रेक्ष्य में समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी विशाल राज की अध्यक्षता में जिले के विभिन्न डिजिटल मीडिया प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पेड न्यूज, फेक न्यूज, आदर्श आचार संहिता एवं सोशल मीडिया की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों को निष्पक्ष, तथ्यानुकूल एवं जिम्मेदार रिपोर्टिंग करने का आग्रह किया।

बैठक की शुरुआत में मीडिया कोषांग के नोडल पदाधिकारी कुंदन कुमार सिंह ने सभी डिजिटल मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर प्रकाशित प्रत्येक समाचार सामग्री के सत्यापन की जिम्मेदारी संबंधित प्रकाशक की होती है। उन्होंने सभी से अपील की कि किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पूर्व उसकी सत्यता की पूरी जांच अवश्य कर लें तथा फेक न्यूज से संबंधित मामलों में विशेष सावधानी और संवेदनशीलता बरतें।

एमसीएमसी के नोडल पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी के पक्ष में प्रचारात्मक समाचार या सामग्री का प्रसारण करना आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सूचनाएँ अत्यंत तीव्र गति से प्रसारित होती हैं, अतः केवल सत्य, प्रमाणित एवं निष्पक्ष समाचार ही साझा किए जाएँ।

इस अवसर पर एम.सी.एम.सी. कोषांग के नोडल पदाधिकारी ने बताया कि लोकसभा आम निर्वाचन 2024 के दौरान डिजिटल मीडिया प्रतिनिधियों का सहयोग सराहनीय रहा था और आगामी विधानसभा चुनाव 2025 में भी इसी प्रकार का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि बिना एम.सी.एम.सी. सर्टिफिकेशन के कोई भी सोशल मीडिया चैनल या पोर्टल किसी राजनीतिक विज्ञापन का प्रसारण नहीं करेगा।

उन्होंने पेड न्यूज और फेक न्यूज के बीच अंतर को विस्तार से समझाया तथा सभी प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि खबरों को साझा करने से पूर्व तथ्यों का पूर्ण सत्यापन करें।

अपने संबोधन में जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि सोशल मीडिया आज सूचना प्रसारण का सबसे संवेदनशील माध्यम बन चुका है, जहाँ कोई भी खबर कुछ ही क्षणों में वायरल हो सकती है। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनी रहे।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी से संबंधित प्रचार, विज्ञापन या समाचार केवल एम.सी.एम.सी. से प्रमाणन प्राप्त करने के बाद ही प्रकाशित या प्रसारित किए जाएँ। उन्होंने कहा कि यदि किसी को पेड न्यूज अथवा फेक न्यूज से संबंधित कोई शंका हो तो एम.सी.एम.सी. कोषांग के नोडल पदाधिकारी से संपर्क कर स्पष्टीकरण प्राप्त करें, और बिना प्रमाणन के कोई भी राजनीतिक समाचार प्रकाशित न करें।

अंत में जिलाधिकारी ने डिजिटल मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं जनहितमुखी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की पक्षपातपूर्ण या छवि निर्माण वाली सामग्री से बचना ही लोकतांत्रिक पत्रकारिता की सच्ची भावना है।

बैठक में एम.सी.एम.सी. कोषांग के पदाधिकारी/कर्मीगण, मीडिया कोषांग के सदस्य तथा जिले के विभिन्न डिजिटल मीडिया पत्रकार एवं सोशल मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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