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खोराडीह में किसानों को कृषि निर्यात की संभावनाओं की दी गई जानकारी

समाज जागरण

मीरजापुर/ विकासखंड राजगढ़ के खोराडीह गांव में कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्षमता निर्माण कार्यक्रम एवं फील्ड विजिट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान एपीडा के प्रतिनिधि देवानंद त्रिपाठी ने किसानों से संवाद कर जैविक खेती, कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और निर्यात की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

देवानंद त्रिपाठी ने किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरक क्षमता को बनाए रखने में मदद मिलती है। किसानों को आधुनिक तकनीक के साथ गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पर विशेष ध्यान देना चाहिए, जिससे उनके उत्पादों को बेहतर बाजार मिल सके और आमदनी में वृद्धि हो।इस दौरान खोराडीह गांव के किसान विजय कुमार ने अपने खेत में लगभग सात सौ निर्यात गुणवत्ता वाले कागजी नींबू के पौधे, पचास आंवला के पेड़ तथा अन्य ताजे फलों की खेती के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस तरह की खेती से किसानों को बेहतर आमदनी का अवसर मिल सकता है।


कार्यक्रम में क्षेत्र में मिर्च और टमाटर के निर्यात की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। राजगढ़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर टमाटर और मिर्च की खेती होती है तथा यहां की पैदावार भी अच्छी रहती है। हालांकि, कई बार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता, जिससे लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है। वहीं बारिश के मौसम में फसलों में रोग लगने से किसानों को अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ता है।एपीडा प्रतिनिधि ने किसानों को कृषि उत्पादों के निर्यात की प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों और आवश्यक प्रमाण-पत्रों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर स्थानीय स्तर से आगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर किसान रूपेश कुमार, सुनील कुमार और भूपेंद्र सहित अन्य किसान मौजूद रहे।


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