अनूपपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से खाकी को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। चचाई थाना प्रभारी सुन्देश सिंह मरावी पर एक छोटे होटल संचालक को बिना वजह प्रताड़ित करने और मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाने के संगीन आरोप लगे हैं। पीड़ित ने अब न्याय की आस में मुख्यमंत्री और मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया है।

”अभी खाना ही खा रहा था कि पुलिस ने बोला धावा”
सोनी लॉज के संचालक तिलकराज सोनी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि 26 दिसंबर को दोपहर करीब 1:00 बजे कुछ यात्री उनके लॉज में रुकने आए थे। पीड़ित के अनुसार, “मैं खाना खा रहा था, यात्रियों को आए मात्र 10 मिनट हुए थे कि थाना प्रभारी दल-बल के साथ अंदर घुस आए और गाली-गलौज शुरू कर दी।” ### वैध आईडी के बावजूद बदसलूकी, आखिर क्यों?
पीड़ित का दावा है कि लॉज में रुके सभी अतिथियों ने अपने आधार कार्ड दिखाए और खुद को बालिग बताया, लेकिन आरोप है कि थाना प्रभारी ने उनकी एक न सुनी। पुलिस ने न केवल संचालक को अपमानित किया, बल्कि वहां रुके पर्यटकों और यात्रियों को भी जबरन थाने ले जाकर उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई।
”जब सब कुछ सही था और पुलिस ने पूछताछ के बाद सबको छोड़ दिया, तो फिर हमें सार्वजनिक रूप से अपमानित क्यों किया गया? क्या एक गरीब का स्वाभिमान, स्वाभिमान नहीं है?” > — तिलकराज सोनी (पीड़ित)
साजिश की बू: धारा-223 का डर दिखाकर फंसाने की कोशिश?
होटल संचालक का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई किसी के इशारे पर की गई एक सोची-समझी साजिश थी। रजिस्टर में एंट्री न होने का बहाना बनाकर पुलिस ने उन पर दबाव बनाया, जबकि नियमानुसार रिपोर्टिंग के लिए समय होता है। पीड़ित ने सीधे तौर पर थाना प्रभारी पर व्यक्तिगत रंजिश निकालने का आरोप लगाया है।
प्रशासन को अल्टीमेटम: “न्याय दो या मौत”
मामला अब इतना तूल पकड़ चुका है कि पीड़ित ने आत्मघाती कदम उठाने का ऐलान कर दिया है। शिकायत पत्र में स्पष्ट शब्दों में लिखा गया है कि यदि दोषी थाना प्रभारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो पीड़ित मुख्यमंत्री निवास (भोपाल) के सामने आत्मदाह कर लेगा।
न्यूज़ की मुख्य बातें (Key Highlights):
थाना प्रभारी पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप।
बिना किसी अवैध गतिविधि के होटल में पुलिसिया छापेमारी।
अतिथियों और संचालक के साथ अभद्र व्यवहार का दावा।
मुख्यमंत्री और गृह विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग।

Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



