कुटीर उद्योग पुनर्जीवन सहित कई जरूरतमंद परिवारों को मिली आर्थिक मदद
श्रीभूमि संवाददाता, दैनिक समाज जागरण।
श्रीभूमि जिले के पाथारकांडी विधानसभा क्षेत्र के फाकुआ गांव में बेबस और जरूरतमंद परिवारों को सहारा देने के लिए पूर्व एडीसी एवं समाजसेवी नीलमणि दास एक बार फिर आगे आए हैं। व्यक्तिगत पहल पर उन्होंने कुटीर उद्योग स्थापना और विभिन्न आपदा-ग्रस्त परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान कर मानवता का परिचय दिया है।
फाकुआ गांव के निवासी दीपक दास पुरकायस्थ, जिन्होंने वर्ष 2019 में 70 हजार रुपये खर्च कर दलमूट फैक्ट्री शुरू की थी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और आर्थिक तंगी के कारण अपना उद्योग बंद करने को मजबूर हो गए थे। पिता के निधन और बैंक ऋण के बोझ के बीच वे पूरी तरह दिशाहीन हो चुके थे। इसी दौरान गांव के प्रताप नमःशूद्र की पहल से वे पूर्व एडीसी नीलमणि दास के संपर्क में आए।
पूर्व एडीसी ने न सिर्फ सिलचर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से डेथ सर्टिफिकेट प्राप्त कराने में मदद की, बल्कि 27 नवंबर को अपने आवास पर बुलाकर दलमूट फैक्ट्री को पुनर्जीवित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया।
इसके अलावा, नीलमणि दास ने नगेंद्र नगर गांव के निवासी स्व. बिज्जरपाटे परम आनंद दास की पत्नी आरती दास को भी 08 दिसंबर 2022 को सरकारी मुआवजे के रूप में 4 लाख रुपये दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। (MOMO No.– KRR38/Lightning/Pt/2022/13-A; A/c No.–1363010232586)
समाजसेवा की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए पूर्व एडीसी ने रामकृष्णनगर और पाथारकांडी विधानसभा के अंतर्गत फाकुआ–नया नवीन गांव–बाजार फाकुआ के तीन गांवों के लगभग 250 परिवारों के लिए डिफॉल्ट ट्रांसफॉर्मर बदलवाने में भी सहयोग किया। बिजली व्यवस्था सुधरने पर क्षेत्रवासियों ने उनके इस योगदान के लिए आभार व्यक्त किया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नीलमणि दास की यह पहल न केवल गरीब परिवारों की मदद है, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम भी है।
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