कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों से जुड़े प्रबुद्ध नागरिकों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में आरडब्ल्यूए, टाटा स्टील ऑफिसर्स कॉलोनी की अध्यक्षा श्रीमती सरोज अरोड़ा को समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण में योगदान हेतु स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि युवा अवस्था से ही वे पर्वतारोही बछेंद्री पाल के संग पर्यावरण और स्वच्छता संरक्षण से जुड़े कार्यों में सक्रिय रही हैं और आज भी उसी संकल्प पर अडिग हैं।
राष्ट्रचिंतना अध्यक्ष प्रोफेसर बलवंत सिंह राजपूत ने राजनीतिक मतभेद को राष्ट्र-विरोध में न बदलने की सलाह देते हुए सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनजागरण अभियान चलाने तथा शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम की चेतना जागृत करने पर बल दिया।
परिचर्चा के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार रखे।
प्रोफेसर द्विवेदी ने प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता बताई।
डॉ. निधि माहेश्वरी ने स्वच्छता के व्यापक जनजागरूकता अभियान की वकालत की।
डॉ. यू.के. माहेश्वरी ने कूड़ा प्रबंधन के तहत पशुओं के लिए उपयोगी फल-सब्जियों को अलग रखने पर जोर दिया।
डॉ. संदीप कुमार ने यातायात व्यवस्था, मल्टी लेवल पार्किंग तथा निर्माण सामग्री खुले में न रखने जैसे मुद्दों को पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया।

नीरज कौशिक ने सार्वजनिक स्थानों से मदिरा दुकानों को दूर करने तथा युवाओं पर इसके दुष्प्रभाव को रेखांकित किया, जबकि कुलदीप द्विवेदी ने सार्वजनिक स्थानों पर मदिरापान पर प्रतिबंध को प्राथमिकता बताया।
हरीशचंद्र गुप्ता व एन.सी. शर्मा ने नागरिक सुरक्षा एवं यातायात नैतिकता के प्रति जनजागरूकता को अनिवार्य बताया।
किसलय कुमार ने बाजार में थैला साथ ले जाने और वस्तुओं को साझा कर उपयोग करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने की बात कही।
रविंद्र पाल सिंह ने जल संरक्षण और आरएसएस के गृह संपर्क अभियान व पंच परिवर्तन कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
नरेश गुप्ता ने बेंगलुरु में जल संकट का उदाहरण देते हुए ग्रेटर नोएडा के नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी।
राष्ट्रचिंतना ग्रेटर नोएडा अध्यक्ष राजेश बिहारी ने बालमन में राष्ट्रप्रेम का संस्कार डालने और चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रोफेसर विवेक कुमार ने उच्च शिक्षा संस्थानों में सामयिक समस्याओं के समाधान हेतु जागरूकता अभियान चलाने और ‘एक करणीय कार्य’ का पत्रक वितरण कर संगठित प्रयास करने का सुझाव रखा।
गजानन माली ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियानों को गति देने की आवश्यकता व्यक्त की।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
इस अवसर पर डॉ. आर.के. द्विवेदी, डॉ. नीरज कौशिक, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. निधि माहेश्वरी, गजानन माली, नरेश गुप्ता, राशि पाठक, माया कर्ण, सरोज अरोड़ा, किसलय कुमार, रूपा दुर्गापाल, एन.सी. शर्मा, पंकज, भोला ठाकुर, रविंद्र पाल सिंह, कुलदीप द्विवेदी सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

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