सिग्मा-2 में RWA के खिलाफ फूटा निवासियों का गुस्सा

अवैध उगाही, बायलॉज संशोधन और सार्वजनिक सड़क बंद करने के आरोप

संदीप गर्ग / ग्रेटर नोएडा।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर सिग्मा-2 में रविवार को आयोजित आम सभा (जनरल बॉडी मीटिंग) में स्थानीय निवासियों का गुस्सा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के खिलाफ फूट पड़ा। निवासियों ने वर्तमान RWA अध्यक्ष पर तानाशाही रवैया अपनाने, नियमों के उल्लंघन, अवैध उगाही और सार्वजनिक सड़क बंद करने जैसे गंभीर आरोप लगाए।

निवासियों का आरोप है कि RWA अध्यक्ष युधिष्ठिर शर्मा द्वारा संस्था के बायलॉज में अवैध तरीके से संशोधन कराए गए हैं। सबसे बड़ा विवाद सदस्यता शुल्क को लेकर है। निवासियों के अनुसार, RWA की सदस्यता शुल्क जहां नियमों के तहत 1,000 रुपये निर्धारित है, वहीं नई कार्यकारिणी द्वारा नए सदस्यों से 12,000 रुपये की मनमानी वसूली की जा रही है। राशि न देने वालों को सदस्यता और सेक्टर की सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है।

सभा में 18 मीटर चौड़ी सार्वजनिक सड़क पर की गई बैरिकेडिंग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। दस्तावेज़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस संबंध में RWA अध्यक्ष को नोटिस जारी कर बैरिकेडिंग को अवैध और अतिक्रमण की श्रेणी में बताया है। इस कारण ब्लॉक-C और D के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्राधिकरण द्वारा सात दिन में अवरोध हटाने के निर्देश के बावजूद कार्रवाई न होने से लोगों में नाराज़गी है।

निवासियों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) और प्राधिकरण में बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके अलावा सेक्टर में सुरक्षा, सफाई और कथित अवैध वसूली को लेकर भी RWA कार्यकारिणी पर सवाल उठाए गए।

निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस संबंध में पुलिस प्रशासन (चौकी इंचार्ज, बीटा-2) को भी पत्र सौंपा गया है।

निवासियों की प्रमुख मांगें:

  • RWA द्वारा किए गए कथित अवैध संशोधन रद्द किए जाएं
  • सदस्यता शुल्क नियमों के अनुसार 1,000 रुपये तय हो
  • सार्वजनिक सड़क से बैरिकेडिंग तुरंत हटाई जाए
  • सुरक्षा और सफाई व्यवस्था में सुधार किया जाए

RWA अध्यक्ष का पक्ष:
आरोपों को खारिज करते हुए RWA अध्यक्ष युधिष्ठिर शर्मा ने कहा कि 12,000 रुपये की राशि वार्षिक रखरखाव और सुविधाओं के लिए ली जा रही है। संस्था के पास फंड की कमी है। सुरक्षा कारणों से कुछ रास्ते बंद किए गए हैं और आगे भी गेट बंद करने की योजना है। उनका दावा है कि विरोध करने वाले लोग कार्यकारिणी का हिस्सा नहीं हैं।

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