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सभी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में चस्पा होगा इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश, 7 कार्य दिवस में देनी होगी अनुपालन आख्या

गौतमबुद्धनगर, 05 सितंबर 2026।

जनपद गाजियाबाद एवं गौतमबुद्धनगर के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों और अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, गाजियाबाद निखलेश राजन ने सभी संबंधित सोसायटियों के अध्यक्ष, सचिव एवं प्रबंधन बोर्ड को आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

डिप्टी रजिस्ट्रार ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा रिट याचिका-सी संख्या 31784/2026 एल्डिको आमन्त्रण अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य में 12 अगस्त 2026 को आदेश पारित किया गया था। न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में आदेश की प्रति प्रत्येक संबंधित ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के मुख्य नोटिस बोर्ड पर तत्काल चस्पा की जानी है।

उन्होंने बताया कि आदेश को नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करने का उद्देश्य सोसायटी के व्यक्तिगत अपार्टमेंट स्वामियों, निर्वाचित सदस्यों, प्रबंधन बोर्ड, जनहित से जुड़े व्यक्तियों तथा सोसायटियों के प्रबंधन से संबंधित संगठनों को न्यायालय के समक्ष विचाराधीन मुद्दों की जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि इच्छुक व्यक्ति अथवा संगठन अपने सुझाव एवं टिप्पणियां प्रस्तुत कर सकें।

इच्छुक व्यक्ति या संगठन अपने सुझाव एवं टिप्पणियां डिप्टी रजिस्ट्रार, गाजियाबाद के माध्यम से भेज सकते हैं। इसके अलावा सुझाव माननीय उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (अनुपालन) को सीधे संबोधित करते हुए अथवा न्यायालय में हस्तक्षेप के लिए आवेदन के माध्यम से भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

7 कार्य दिवस में देनी होगी अनुपालन आख्या

डिप्टी रजिस्ट्रार ने सभी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के अध्यक्ष, सचिव एवं प्रबंधन बोर्ड को निर्देशित किया है कि न्यायालय के आदेश की प्रति नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने के साथ ही इसकी जानकारी सोसायटी के सभी अपार्टमेंट स्वामियों, निर्वाचित सदस्यों एवं प्रबंधन बोर्ड को उपलब्ध कराई जाए।

इसके बाद नोटिस बोर्ड पर चस्पा किए गए आदेश की फोटो सहित अनुपालन आख्या 7 कार्य दिवस के भीतर डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी।

डिप्टी रजिस्ट्रार निखलेश राजन ने स्पष्ट किया कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। आदेश के अनुपालन में लापरवाही बरते जाने पर न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित एसोसिएशन की प्रबंधन समिति की होगी।

सौजन्य : सूचना विभाग, गौतमबुद्धनगर।


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