भारत विकास परिषद् विवेकानंद शाखा ने ग्रेटर नोएडा वर्ल्ड स्कूल में आयोजित किया वार्षिक सम्मान समारो
समाज जागरण ब्यूरो / ग्रेटर नोएडा।
भारत विकास परिषद् की विवेकानंद शाखा द्वारा सोमवार, 10 नवंबर 2025 को ग्रेटर नोएडा वर्ल्ड स्कूल, सिग्मा-1 के सभागार में “गुरु वंदन-छात्र अभिनन्दन” का वार्षिक सम्मान समारोह बड़ी गरिमा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति शंभूनाथ श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय), माननीय शिक्षक विधायक श्री श्रीचंद शर्मा (एमएलसी) तथा माननीय विधायक दादरी श्री तेजपाल नागर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ ग्रेड्स इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा संचारी भट्टाचार्य के संयोजन में “वन्दे मातरम” के गायन से हुआ। इसके पश्चात ग्रेटर नोएडा वर्ल्ड स्कूल के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत और नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। वहीं दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने गजानन माली की रचना “विकसित भारतम” की मनमोहक प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. विकास भारद्वाज (चेयरमैन, एएनएस हॉस्पिटल), श्रीमती कंचन कुमारी (निदेशिका, दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल), श्री धर्मेंद्र चंदेल (ब्यूरो प्रमुख, दैनिक जागरण) तथा श्री गजानन माली (संस्थापक, टेन न्यूज़ नेटवर्क) उपस्थित रहे।

समारोह में विभिन्न विद्यालयों के 10 प्रधानाचार्यों को “विशिष्ट शिक्षा सेवा सम्मान” से सम्मानित किया गया, जिनमें ग्रेटर नोएडा वर्ल्ड स्कूल की श्रीमती मंजू कौल रैना, दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल की श्रीमती हिमा शर्मा, ग्रेड्स इंटरनेशनल स्कूल की श्रीमती अदिति बासु रॉय, सी.आर.आर. पब्लिक स्कूल के श्री राजकुमार शर्मा, अपना स्कूल की डॉ. सरोज सिंह, विक्ट्री वर्ल्ड स्कूल की डॉ. मूर्वी सिंह, शैफाली पब्लिक स्कूल दादरी की श्रीमती प्रोमिता शर्मा, भारतीय वैदिक बालिका इंटर कॉलेज तिलपता की श्रीमती अमरेश चपराना आदि शामिल रहीं।
अतिथियों के प्रेरक संबोधन
शिक्षक विधायक श्रीचंद शर्मा ने अपने उद्बोधन में वेद, रामायण और महाभारत की बोधकथाओं से उदाहरण देते हुए भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा का स्मरण कराया।
विधायक तेजपाल नागर ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
न्यायमूर्ति शंभूनाथ श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
डॉ. विकास भारद्वाज ने कहा कि सफलता के लिए लक्ष्य स्पष्ट और परिश्रम निरंतर होना चाहिए।
धर्मेंद्र चंदेल ने गुरुजनों के प्रति आदर को सफलता का मूल बताया, जबकि कंचन कुमारी ने कहा कि प्रत्येक बालक के अंदर एक विशिष्ट क्षमता होती है, जिसे गुरुजनों को विकसित करना चाहिए।
समारोह में 15 विद्यालयों के 25 शिक्षक-शिक्षिकाओं को उत्कृष्ट शिक्षण कार्य के लिए तथा कक्षा 6 से 12 तक के 80 मेधावी विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. विवेक कुमार, निदेशक, एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने किया। अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मंजू कौल और परिषद् के अध्यक्ष श्री विवेक अरोड़ा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।



