ग्वालियर/मध्य प्रदेश।
स्वामी आनंद स्वरूप ने ट्विटर के माध्यम से कहा कि मनुस्मृति जलाने और इस पर प्रतिक्रिया देने वालों पर की गई कार्रवाई न्यायपूर्ण नहीं है, बल्कि पक्षपाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि ग्वालियर में हुई गिरफ्तारी यह दिखाती है कि कानून सबके लिए बराबर लागू है या नहीं।
मुख्य बिंदु:
- ग्वालियर में मनुस्मृति जलाने के मामले में गिरफ्तारी पर विवाद
- स्वामी आनंद स्वरूप ने कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण और असमान बताया
- आवाज दबाने के बजाय न्याय की मांग और संघर्ष जारी रहने की चेतावनी

स्वामी आनंद स्वरूप ने चेतावनी दी कि अगर इस घटना पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो केवल प्रतिक्रिया करने वालों पर एकतरफा दमन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आवाज दबाई नहीं जाएगी और अन्याय के खिलाफ संघर्ष और तेज होगा।



