समाज जागरण
विजय तिवारी
भोपाल ।
भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जल्द अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा करने जा रहे हैं। 45 वर्षीय युवा अध्यक्ष के कमान संभालने के बाद से ही भाजपा के केंद्रीय संगठन में बड़े बदलावों की संभावना है। सूत्रों की मानें तो नितिन नवीन की इस ‘नई भाजपा’ में मध्य प्रदेश के आधा दर्जन नेताओं का दबदबा देखने को मिल सकता है। संगठन के लिहाज से भाजपा के सबसे मजबूत गढ़ मध्य प्रदेश को माना जाता है और ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि मध्य प्रदेश से कई चेहरों को दिल्ली में बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
नई राष्ट्रीय टीम जातिगत समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और ‘परफॉरमेंस’ को आधार बनाया जा रहा है। शिवराज सिंह चौहान के केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद, अब संगठन में एमपी से नए चेहरों को एडजस्ट करने की कवायद तेज है। राष्ट्रीय टीम में जिन नाम की चर्चा है उनमें वी.डी. शर्मा का नाम शामिल है।मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले वी.डी. शर्मा का कद बढ़ना तय माना जा रहा है। संघ और एबीवीपी की मजबूत पृष्ठभूमि वाले शर्मा को राष्ट्रीय महासचिव जैसी अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। उनकी संगठनात्मक क्षमता का उपयोग पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर करना चाहती है। शर्मा के अलावा पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम भी चर्चाओं में है।पार्टी के फायरब्रांड नेता मिश्रा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है। विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद, उनकी वाकपटुता और ब्राह्मण चेहरे के तौर पर उनकी पहचान उन्हें केंद्रीय संगठन के लिए उपयोगी बनाती है। वे विपक्ष पर हमलावर रहने वाले नेताओं में गिने जाते हैं। पूर्व में उनका नाम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए भी चर्चाओं में था।
राष्ट्रीय राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी कैलाश विजयवर्गीय पहले भी राष्ट्रीय महामंत्री रह चुके हैं। पश्चिम बंगाल से लेकर हरियाणा तक चुनावी प्रबंधन का उनका अनुभव उन्हें फिर से टीम नितिन नवीन का महत्वपूर्ण हिस्सा बना सकता है। वर्तमान में भी मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।लाल सिंह आर्य
वर्तमान में एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सक्रिय लाल सिंह आर्य के काम से केंद्रीय नेतृत्व संतुष्ट बताया जा रहा है। उन्हें मुख्य संगठन में पदोन्नत किया जा सकता है या उन्हें मोर्चा में ही और बड़ी भूमिका दी जा सकती है। इनके अलावा अन्य संभावित नाम में फग्गन सिंह कुलस्ते का नाम चर्चाओं में है जो कि अनुसूचित जनजाति के बड़े और अनुभवी नेता हैं। कई बार केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके हैं। पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर आदिवासी वोट बैंक को साधने के लिए संगठन में किसी बड़े आदिवासी चेहरे को शामिल करना चाहती है, जिसमें कुलस्ते का दावा सबसे मजबूत है। पूर्व में अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। कविता पाटीदार वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। वे ओबीसी (OBC) वर्ग से आती हैं और एक महिला नेत्री हैं। वे मालवा क्षेत्र में संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं और उन्हें भी टीम में शामिल किया जा सकता है। इनके अलावा मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया एवं गजेंद्र पटेल के नाम भी भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के लिए चर्चाओं में है ।राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि अनुसूचित जाति वर्ग से आती हैं और जमीनी स्तर से ऊपर उठी हैं। महिला और वंचित वर्ग का प्रतिनिधित्व करने के कारण, पार्टी उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लाकर ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे को और मजबूत कर सकती है।
नितिन नवीन की यह टीम मिशन 2029 का रोडमैप तैयार करेगी। ऐसे में मध्य प्रदेश के इन अनुभवी और ऊर्जावान नेताओं का समावेश संगठन को नई धार देने का काम करेगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि अंतिम सूची में इनमें से किन-किन नेताओं की लॉटरी लगती है।



