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पटना के दुल्हिन बाजार में मंदिर तोड़कर हनुमानजी का फेंका मूर्ति

ग्रामीणों ने बिरोध में आगजनी कर किया सड़क जाम

समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश

पटना/ जिले के दुल्हिन बाजार स्थित जगदेव चौक के पास हनुमान मंदिर को तोड़कर अतिक्रमणकारी तीन भाइयों ने हनुमान जी की मूर्ति को तोड़कर एक किलोमीटर दूर पुल के नीचे फेंक दिया। जिसे देख शनिवार को ग्रामीण उग्र हो गए और मूर्ति के बिखरे अवशेष को देखर आग बबूला हो गए।

जैसे जैसे लोगो को इनकी सूचना मिली लोग जुटने लगे। इस दौरान हज़ारो की संख्या में लोग इकट्ठा होकर बिरोध करना शुरू कर दिए। इस दौरान कुछ नाराज लोगो ने सड़क जाम कर आगजनी करने लगे। वही लोगो ने पुलिस प्रसाशन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान लगभग दो घंटों तक पालीगंज पटना सड़क जाम रहा। प्रदर्शनकारीयों ने तीनो भाई रामजी राम, पिंटू कुमार और गुड्डू कुमार के खिलाफ कड़ी करवाई और मंदिर के आड़ में चल रहे किराये के मकान और होटल को तोड़कर पुनः मंदिर निर्माण कर मूर्ति स्थापित करने की मांग कर रहे थे।

इस दौरान लोगो ने बताया कि मंदिर के नाम पर इसने सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है और मार्केट बनाकर गैर हिन्दू लोगो को किराए पर दे दिया है। जबकि खुद मंदिर के गेट पर चाय लिट्टी का दुकान चलाता है। साथ ही अब मंदिर को भी तोड़कर मार्केट बना दिया और मूर्ति को पुल के नीचे फेंक दिया। वही दुल्हिन बाजार थानाध्यक्ष सोनू कुमार के आश्वाशन के बाद लोग शांत हुए और जाम खत्म कराया। वही इस मामले में दिए गए आवेदन पर दो भाई रामजी राम और गुड्डू कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

रात के अंधेरे में बुलडोजर से फेंका मूर्ति
बताया जाता है कि ये मंदिर लगभग डेढ़ सौ साल पहले से स्थापित थी। और इतना बिशाल था कि टुकड़े करने के बाद नही उसे उठाना आसान नहीं था। तब इनलोगो ने बुलडोजर बुलाकर मूर्ति को उठवाया और फिर फेक दिया।

चार साल से कर रहा है अतिक्रमण
वैसे तो मंदिर के देख रेख के नाम पर इसकी तीन पीढ़ी यहां रहते आ रहा था। लेकिन इधर लगभग चार साल से धीरे धीरे इन तीनो ने जमीन को हड़पना शुरू कर दिया। इस जमीन को अपना निजी संपत्ति बताकर धीरे धीरे पक्का निर्माण करना शुरू कर दिया। जो पहले झोपड़ी थी उसे मार्केट बनाकर किराये पर लगाना शुरू कर दिया। जानकर बताते है कि ये जमीन सरकारी है क्योकि इसके दोनो तरफ सरकारी भवन बना हुआ है। उसी जमीन पर एक बार एनओसी भी दिया गया था। लेकिन उस समय विवाद खड़ा कर के मामले को उलझा दिया था। उसके बाद इसने कहीं से फर्जी कागज बनवा लिया है। उसी को दिखाकर अब उसे अपना बताता है। और मंदिर को तोड़कर मूर्ति टुकड़े टुकड़े कर कर फेक दिया है। जिसकी जांच होनी चाहिए।

समोसा चाय के चुस्की लगाती रही पुलिस, उसी के नाक के नीचे मंदिर तोड़कर बना दिया मार्केट
लोगो की माने तो इन तीनो भाई ने बड़े ही शातिराना चाल चल कर के इस जमीन पर कब्जा किया है। चाय समोसा की दुकान इनलोगो ने भरपूर लाभ उठाया है। पेट्रोलिंग और डायल 112 की पुलिस जब भी इधर से गुजरती थी तो उसे रूकवाकर फ्री का चाय नास्ता करवाना इनलोगो का रोज का काम था। घंटो पुलिस इसकी दुकान के आसपास या इसके दुकान पर रहती थी। और ये बगल के जमीन पर निर्माण करवाते रहता था। इसी दौरान इनका मनोबल इतना बढ़ गया कि जिसकी आड़ में ये लोग यहां रह रहे थे उसे ही उखाड़कर फेक दिया। इस मामले में लोगो ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

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