श्रावण मास में ज्ञानी गृहस्थियों को जीवन जीने की कला सीखाने आते हैं-योगी राम प्रकाश गुप्ता*
*तीज हरियाली उत्साह का संदेश देता है-भारती अग्रवाल*
*हम सभी वेदोक्त होकर जीवन को हरियाली से समृद्ध करें- प्रवीण आर्य*
गाजियाबाद,शनिवार,26 जुलाई 2025, अखिल भारतीय ध्यान योग संस्थान जानकी वाटिका कक्षा के तत्वावधान में हरियालो सावन आयो रे तीज पर्व हर्षोल्लास से सन्त निवास नेहरू नगर में संपन्न हुआ।
तीजोत्सव का शुभारंभ श्रीमती सुमन बंसल ने वैदिक प्रार्थना एवं सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु करते हैं हम शुरू आज का काम प्रभु भजन गाकर किया।
गायिका सुमन बंसल,जॉली शर्मा आदि ने तीज पर्व के गीत सुनाकर आनंदित कर दिया।
योग शिक्षिका वीना वोहरा,मीनाक्षी अग्रवाल,विभा भारद्वाज,जॉली शर्मा सुमन बंसल,सीमा अग्रवाल एवं अम्बिका गर्ग का सावन के गीतों पर एकल नृत्य आकर्षण का केन्द्र रहे।
योगी राम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि श्रावण मास, जिसे सावन भी कहा जाता है,भगवान शिव को समर्पित एक पवित्र महीना है।इसे भगवान शिव की पूजा,उपवास और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।श्रावण मास वस्तुत: श्रुति के अध्ययन का मास है अध्यापन हेतु इन दिनों आश्रमों से संन्यासी तपस्वी योगी ज्ञानी सन्त महात्मा ग्रामों नगरों में गृहस्थियों को जीवन जीने की कला सिखाने आते हैं श्रावण मास के आरम्भ की पूर्व संध्या पर उनको घरों में आसन दे पूजन कर सेवा सत्कार कर वेद कथाओं भागवत कथाओं का बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाता है,गृहस्थी लोग फिर इन दिनों में प्राप्त आध्यात्मिक ऊर्जा से अपने जीवन को सँवार कर पूरे वर्ष भर को सुखकारी बना कर अपना कल्याण करते थे आज भी करते हैं।ईश्वर भक्ति,मातृ-पितृ भक्ति, समाज तथा राष्ट्र भक्ति,परस्पर पति-पत्नी भक्ति,पञ्च महायज्ञों की पालना इत्यादि कार्यों से सुगंध बिखरने की अद्भुत शिक्षा देने के लिए ये पर्व आता है।
तीजोत्सव समारोह में योग साधिकाओं की सुन्दर प्रस्तुति पर अम्बिका गर्ग प्रथम,जॉली शर्मा द्वितीय एवं सीमा अग्रवाल तृतीय पुरुस्कार विजेता रही।
सावन के गीतों पर महिलाओं के द्वारा सामूहिक नृत्य की प्रस्तुतियां आकर्षण का केन्द्र रही। “छुप गए सारे नज़ारे ओये क्या बात हो गई” गीत के नृत्य में हीरो का रोल संयोजिका वीना वोहरा और महिला रोल मीनाक्षी अग्रवाल ने किया।जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया।
विशेष आमंत्रित भारती अग्रवाल ने कहा कि तीज जब आती है तो चारों और हरियाली,उल्लास, उत्साह का वातावरण बन जाता है।उन्होंने कहा कि सावन की हरियाली प्रतिपल यदि हम चाहते हैं तो श्रुति का संदेश सुनो।पढ़ो पढ़ाओ,सुनो सुनाओ, ईश्वरीय वाणी वेद को घर घर पहुंचाओ।
योगी प्रवीण आर्य ने कहा कि स्वयं प्रकृति भी इन दिनों हमें त्यागमयी हो संगच्छध्वं की शिक्षा दे रही है।ईश्वर, जीव और प्रकृति तीनों को सम्यक जानकर ही ज्ञानमय व्यवहार हो तो जीवन हरियाली से भर सकता है।हर सुख का आधार ज्ञान ही है जो ईश्वर ने हमें वेद वाणी के रूप में दिया है हम सभी वेदोक्त होकर जीवन को हरियाली से समृद्ध करें।
विदुषी बहिन उमा शर्मा ने तीज के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि ये मिलने मिलाने का त्यौहार है।अनुराधा भटनागर ने तीजोत्सव पर हरियाणवी लोक गीत सुनाया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सर्वश्री नेतराम,डा प्रमोद सक्सेना,संजय खंडेलवाल,दर्शना मेहता,राधा शर्मा, बिमला सिंह,वीना गुप्ता,दीपा गर्ग,डा ईशा माथुर,माला सिंह आदि मौजूद रहे।

समारोह संयोजिका वीना वोहरा ने तीजोत्सव की बहुत बहुत बधाई दी ओर कहा कि प्रफुल्लित और झूलते झूले,प्राकृतिक सौंदर्य जीने के लिए एक नया जोश पैदा करते हैं।उन्होंने
धन्यवाद ज्ञापित किया।शांतिपाठ और जलपान के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।



