हार्टमनपुर में धूमधाम से मनाया गया क्रिसमस डे समारोह



हर कोई आपके लिए ताली नहीं बजाएगा तथा हर कोई आपकी तारीफ़ नहीं करेगा –फादर पी० विक्टर

बिकास राय
ब्यूरो चीफ गाजीपुर
दैनिक समाज जागरण

हार्टमन इण्टर कॉलेज, हार्टमनपुर ,गाजीपुर में क्रिसमस डे बहुत ही धूमधाम से मनाया गया।
             कार्यक्रम का शुभारंभ सुंदर तथा मनमोहक चरनी में जन्मे बालक यीशु की प्रतिमा पर फादर पी० विक्टर द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प अर्पित किया गया। प्राइमरी की छात्राओं द्वारा सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया गया जिसका बोल था “आने वाला है यीशु आने वाला है…..”। तत्पश्चात हार्टमनपुर छात्रावास के छात्रों द्वारा ख्रीस्त मांगलिक गीत प्रस्तुत किया गया। इसके बाद लघु नाटिका द्वारा यह संदेश दिया गया कि ईश्वर किसी भी रूप में तथा किसी के घर आ सकते है चाहे वह राजा हो या रंक।


        जूनियर की छात्राएं क्रिसमस के संदेश को लोक नृत्य के माध्यम से सुंदर गीत “प्यार करने से सब मिलेगा रे” प्रस्तुत किया। इस गीत के रचयिता स्वयं फादर पी०विक्टर है। वरिष्ठ अध्यापक एवं संस्कृत प्रवक्ता  श्रीराम द्वारा यीशु मसीह के जन्म तथा उनके जीवन से संबंधित घटनाओं को बताया गया।


       कार्यक्रम के अगले पड़ाव में जूनियर की छात्राओं द्वारा गीत “शोर दुनिया में हो गया ,आज पैदा मसीह हो गया” पर क्रिसमस और न्यू ईयर विशिंग डांस प्रस्तुत किया गया। सुंदर प्रस्तुति के दौरान जैसे ही जिंगल बेल, जिंगल बेल सॉन्ग बजना शुरू हुआ और सेंटा क्लॉज़ की कार्यक्रम स्थल पर आते ही बच्चों में जोश तथा उत्साह भर गया तथा पूरा विद्यालय प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।


         कार्यक्रम के अंत में फादर पी० विक्टर ने सबको क्रिसमस की ढेर सारी शुभकामनाएं देते हुए बताया कि इस दुनिया में हर कोई आपके लिए ताली नहीं बजाएगा तथा कोई आपकी तारीफ नहीं करेगा लेकिन हमको आगे बढ़ना है अच्छे कर्म करना है। सभी त्यौहार लेने का नहीं देने का त्यौहार होते है। ईश्वर ने हमें जीभ ,कान ,नाक , बुद्धि आदि दिया है जिसके लिए हमें ईश्वर को धन्यवाद देना है और जो असहाय हैं उनको भी हमें सहयोग करना है। जिंदगी एक रिश्ते की माला के समान है जो टूट जाता है और जब हम उसे बांधते हैं तो वह छोटी हो जाती है इसलिए हमें रिश्तो को संजोकर रखना है ना कि उसे तोड़ना है। हम अच्छे कर्म करते हैं तो ईश्वर के नजदीक होते हैं और गलत कर्म करते हैं तो ईश्वर से दूर हो जाते हैं। जिंदगी एक गुलदस्ते के समान है जिसमें कभी महकना, चुभना तथा मुस्कुराना सब शामिल होता है।


       अंत में आस–पड़ोस के जरूरतमंद तथा असहाय लोगों को विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक– अध्यापिकाओ , सिस्टर द्वारा कंबल प्रदान किया गया।
          आज के इस कार्यक्रम का समापन मिष्ठान वितरण के साथ किया था।

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