किसानों के हित में सरकार ले फैसला नहीं , तो जाऊंगा हाईकोर्ट :- श्याम सुंदर

कुर्था, इमामगंज, रतनी, मसौढ़ी, जहानाबाद में भी होगी किसान महापंचायत।

समाज जागरण गौतम कुमार अनुमंडल संवाददाता दाउदनगर

औरंगाबाद बिहार 21 फरवरी 2023 :- गोह प्रखंड कार्यालय के प्रांगण में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए राजद नेता, जिप प्रतिनिधि सह पुनपुन बराज परियोजना किसान संघर्ष समिति के संयोजक श्याम सुंदर ने मंगलवार को सीओ मुकेश कुमार को ज्ञापन सौंपा है। और उन्होंने कहा कि मेरे लिये आमलोगों मासूमियत की खयाल को रखना मेरा पहला दायित्व बनता है। मैंने 8 फरवरी को हमीदनगर में आयोजित पहले चरण के आंदोलन की सफलता और आज आप सबों की मौजूदगी के लिये आप तमाम उपस्थित किसान बंधुओं को, नौजवान साथियों को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं। आप अपनी लड़ाई खुद लड़ने का हौंसला रखते हैं । इस लिए आप सभी को पुनः बहुत-बहुत बधाई के पात्र हैं। आपके हक की लड़ाई लड़ने कोई फरिश्ता नहीं आएगा। वरना 27 वर्षों से लंबित हमीद नगर बराज परियोजना का अबतक हल निकल गया होता। तो आज किसानों को धरने पर बैठने की जरूरत नहीं पड़ती।

महापंचायत में मुख्य अतिथि किसान सभा के राज्य परिषद् सदस्य कामरेड जग नारायण सिंह विकल, सभा की अध्यक्षता कर रहे व्यापार मंडल अध्यक्ष कामरेड सुरेश यादव एवं धरना का संचालन माले प्रखंड सचिव कामरेड देवरुल पासवान ने किया है। अध्यक्षता समिति के संरक्षक मधेश्वर यादव और अरवल जिला बसपा अध्यक्ष मनोज यादव, छात्र राजद नेता अमन यादव ने प्रमुखता से अपनी बातों को लोगों के बीच रखा है।


उन्होंने कहा कि 27 फरवरी को तीसरे चरण का आंदोलन जिला मुख्यालय, औरंगाबाद में किया जाएगा। लाभान्वित क्षेत्र के किसानों से वार्ता हो रही है। जल्द ही कुर्था, इमामगंज, रतनी, मसौढ़ी और जहानाबाद में भी किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा । इसके बाद हमीदनगर से पटना तक राजभवन मार्च आयोजित होगा। आप अपने खेत के मुआवजे के लिये करो और मरो की नीति पर अडिग हो जाइये। तभी आज के बाजारभाव से जमीनों का मुआवजा संभव है। जिप प्रतिनिधि श्याम सुंदर ने कहा कि हमीदनगर में आयोजित पहले चरण के आंदोलन में हमने माननीय सियासतदान को आमंत्रित किया था। आपके हक में उन्होंने खड़ा होना भी मुनासिब नहीं समझा।

बिहार विधानसभा में हमीदनगर बराज परियोजना का सवाल उठाकर उन्होंने सराहनीय काम किया है। जगदेव बाबू उसमें एक मांग हमीदनगर पुनपुन बराज परियोजना लागू करने को कहा था। लेकिन उनके सपने को 27 वर्ष पहले आदरणीय लालू यादव ने पूरा करने को ठाना था। लेकिन अफसोस, स्पष्ट नीति नहीं होने की वजह से यह परियोजना अबतक लंबित पड़ी रही । माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार का सर्वांगीण विकास तो हुआ है, लेकिन अबतक हमीदनगर परियोजना पर चुप्पी समझ से परे है। उम्मीद थी समाधान यात्रा के दौरान मुख्यमंत्रीजी हमीदनगर पुनपुन बराज परियोजना के समाधान की बात करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।


किसान महापंचायत के माध्यम से हम किसानों की बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। अगर सरकार बातों को अनसूना करती रही तो बाध्य होकर प्रभावित किसान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। सरकार से सवाल है कि क्या हर सवाल का जवाब कोर्ट ही है?किसान झूठे मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। सरकार किसानों को मजबूर नहीं करें वरना धरती का सीना चीरकर अन्न उपजाने वाले किसान जान से भी प्यारा जमीन के टुकड़े के लिये जान देना पसंद करेंगे, इंसाफ की लड़ाई जारी रहेगी।


आखिर नेताओं की बातों एवं झूठे वादों पर कबतक ठगे जाएंगे किसान , अपनी मासुमियत बचाने के लिए 27 वर्षों के बाद किसानों ने जागा है। सरकार जो अधिग्रहण नीति बनाई थी , उसके मुताबिक ही तो किसान अपने मुआवजा की मांग कर रहे हैं। फिर भी परेशानी कहां हो रही है? किसान महापंचायत को पूर्व लोजपा प्रखंड अध्यक्ष बैजनाथ सिंह, लोजपा जिला महासचिव रंधीर पासवान, बीरेंद्र चौबे, प्रो. विजय चौबे, अल्हा चौबे, पंचायत समिति सदस्य रामराज पासवान, पूर्व प.समिति सदस्य सुरेंद्र गुप्ता, भाजपा नेता सत्येंद्र शर्मा, प्रो. सतीश प्रसाद, अशोक सिंह, रविंद्र यादव, राम अयोध्या पांडेय, बाल कुंवर पासवान, तेयाप मुखिया प्रतिनिधि जयशंकर पासवान, शंकर प्रसाद, डा. , मुखिया मृत्युंजय यादव, डा. अखिलेश यादव, भाजपा नेता अशोक सिंह, बीरेंद्र चौबे, विजय चौबे, अल्हा चौबे, पूर्व पंचायत समिति अध्यक्ष सुरेंद्र साव, भाजपा नेता सत्येंद्र शर्मा आदि लोगों ने संबोधित किया है।

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