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नोएडा मे घर खरीदारी की महा पंचायत। न मिल रहा कोई फैसिलिटी न हो रही रजिस्ट्री, किसकी जिस्मेदारी ?

समाज जागरण नोएडा

नोएडा/ग्रेटर नोएडा मे घर खरीदार अपने ही संपति के मालिकाना हक पाने के लिए दर-दर भटक रहे है। नोएडा प्राधिकरण, क्षेत्र के विधायक और सांसद से बार-बार गुहार लगा रहे है लेकिन इनका कोई सुनने वाला ही नही है। घर खरीदारों को कभी धरना प्रदर्शन को कभी महापंचायत बुलाने पड़ते है। आखिर इनका गुनाह क्या है और किस बात की सजा दी जा रही है।

हालांकि नोएडा मे घर खरीदारों ने पंचायत करके नोएडा प्राधिकरण, बिल्डर और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की बात तो की है और खोल भी दी है। लेकिन सवाल फिर उठता है कि इकना सुनेगा कौन ? वास्तव मे घर खरीदारों की पड़ी बड़ी है। कभी रजिस्ट्री के लिए चक्कर लगाने पड़ते है तो कभी मैटेंनेंस के लिए बिल्डर से तू-तू मै मै करने पड़ते है। कुछ घर खरीदारों को पोजिशन मिल गए है तो रजिस्ट्री के लिए चक्कर काट रहे है। कुछ को तो पाजिशन भी नही मिले और पाजिशन के लिए चक्कर काट रहे है। सोचा नोएडा मे बिल्डर और प्राधिकरण के गठजोड़ ट्वीन टावर के साथ ही ढग गई होगी। लेकिन भ्रष्टाचार जिसके मूल मे है उसके डाल काटने से क्या होगा।

एक्स पूर्व के टवीटर पर वायरल एक विडियों मे घर खरीदारों ने कहा है कि वह पिछले चार साल से नोएडा प्राधिकरण, सांसद महेश शर्मा और विधायक पंकज सिंह से लगातार मामले को लेकर बात कर रहे है लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नही है। एक महिला घर खरीदार ने कहा है कि सरकार या प्राधिकरण ने बिल्डर से अपने पैसे नही लिए है उसमे घर खरीदारों की क्या गलती है। एक महिला घर खरीदार ने आरोप लगाया है कि सरकार बिल्डर प्राधिकरण सब आपस मे मिले हुए है। एक घर खरीदार ने कहा है कि नोएडा प्राधिकरण के बिल्डर पर 200 करोड़ की बकाया है तो इसमे घर खरीदार जिम्मेदार कहा है।

एक घऱ खरीदार ने यहाँ तक कहा है कि बिल्डर ने पॉजिशन तो दे दिया है लेकिन यहाँ नह तो पानी के कनेक्शन है और नही तो बिजली की। बिल्डर ने पैसे तो ले लिया है लेकिन कोई भी फैसलिटी जो बताया गया था नही दी जा रही है। एक घर खरीदार ने सवाल उठाया है कि आखिर बिल्डर की गलती का खामियाजा घर खरीदार क्यो भुगते । घर खरीदार तो रजिस्ट्री के पैसे देने को तैयार है ताकि सरकार को रेवेन्यू मिले। घर खरीदार ने यह भी कहा है कि हम लोगों को यहाँ के सांसद का बायकाट करना चाहिए। आखिर 10 साल से जनता से वोट लेकर कर क्या रहे है। नोएडा प्राधिकरण कहती है कि उसके पास मे गिरफ्तारी की पावर नही है और सरकार दे पावर दे नही रही है।

सवाल फिर उठता है कि आखिर दोषी कौन और किसकी गलती से भूगत रहे है घर खरीदार ? क्या सिर्फ बिल्डर दोषी है या फिर सब मिलकर घर खरीदारों को घुमा रहे है ?।


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