ब्यूरो चीफ़ सोनभद्र/ दैनिक समाज जागरण।
सोनभद्र। सोनभद्र में स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से अवैध अस्पतालों का संचालन जारी है। स्वास्थ्य विभाग का एक संविदा कर्मी एजेंट बनकर इन अवैध अस्पतालों के संचालन में मदद कर रहा है। ओबरा तहसील के चोपन नगर में ACMO गुलाब शंकर यादव ने तीन अस्पतालों का निरीक्षण किया। इनमें हेल्थ केयर हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर, निषाद राज हॉस्पिटल और जन सहायता हॉस्पिटल शामिल हैं। तीनों अस्पतालों के संचालक रजिस्ट्रेशन होने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन जांच के दौरान कोई भी अस्पताल संचालक रजिस्ट्रेशन से जुड़े जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर पाया। विशेषज्ञों का कहना है कि वैध अस्पताल अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट फ्रेम करके कार्यालय में लगाते हैं। ऐसे में दस्तावेज न मिलने का बहाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। ACMO का कहना है कि उन्होंने 10 अप्रैल को पदभार संभाला है और अभी कई महत्वपूर्ण कागजातों की जांच बाकी है। कई शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। अगर समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से ये अवैध अस्पताल चल रहे हैं। कई शिकायतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई धीमी है। निषाद राज अस्पताल में कोई एमबीबीएस डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। एसीएमओ ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में फुल टाइम एमबीबीएस डॉक्टर का होना अनिवार्य है। हेल्थ केयर नामक अस्पताल की स्थिति और भी चिंताजनक पाई गई। अस्पताल के पास न तो फायर एनओसी है, न पर्यावरण एनओसी और न ही सीपीसी, संचालक द्वारा दिखाए गए रजिस्ट्रेशन पेपर में हस्ताक्षर भी नहीं थे। अस्पताल अपने आप को ट्रामा सेंटर कहता है, लेकिन नियमानुसार आवश्यक डॉक्टर कभी मौजूद नहीं रहते। जन सेवा हॉस्पिटल की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। जांच के दौरान न तो कोई डॉक्टर मिला और न ही रजिस्ट्रेशन के कागजात दिखाए जा सके। एसीएमओ ने सभी तीनों अस्पतालों को तीन दिन का समय दिया है। यदि इस अवधि में वैध कागजात नहीं दिखाए गए तो न केवल कार्रवाई होगी, बल्कि भविष्य में भी इन अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन भी नहीं किया जाएगा। एक गंभीर मामला गड़ईडीह के एक मरीज का सामने आया है। हेल्थ केयर एंड ट्रामा सेंटर में गलत इलाज से उनका हाथ इतना खराब हो गया कि काटने की नौबत आ गई थी। अस्पताल प्रबंधन ने शिकायत न करने की शर्त पर मुफ्त इलाज की पेशकश की थी। तो वही सूत्रों की माने तो निषाद राज अस्पताल का संचालन करने की अनुमति स्वास्थ्य विभाग से जुगैल थाना क्षेत्र के खरहरा के लिए लाया गया है। जबकि खरहरा और चोपन थाना क्षेत्र के हॉस्पिटल रोड पर बिना सुरक्षा के मानक पूरे किये दोनो जगहों पर अस्पताल का संचालन विभाग की मिलीभगत से हो रहा है अब देखना है कि स्वास्थ्य विभाग कार्यवाही करता है कि केवल खाना पूर्ति करके यू ही दिखावा करता है।
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