वृद्धि निगरानी में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका दिलीप केशरी

समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी।
06 वर्ष तक की आयु के बच्चों में वृद्धि निगरानी का बहुत ही महत्व होता है। बच्चों में वृद्धि निगरानी कब और कैसे करें तथा वृद्धि निगरानी यंत्रों का प्रयोग करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका आंगनबाड़ी कार्यकत्री निभाएं।
उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में 01 जुलाई से चल रहे आंगनबाड़ी सहायिका से आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर प्रतिचयनित आँगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सात दिवसीय आवासीय आधारभूत प्रशिक्षण सत्र के तृतीय सत्र में प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए बाल विकास परियोजनाधिकारी दिलीप केशरी ने व्यक्त की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर पुष्पा सिंह व राधेश्याम यादव द्वारा प्रशिक्षुओं को कुपोषण के विभिन्न प्रकार उनके कारण और प्रभाव, आईसीडीएस सेवाओं हेतु उपलब्ध मंच गृह भ्रमण, समुदाय आधारित गतिविधियां ग्राम, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी), पोषण, स्वास्थ्य व शिक्षा व्यवहार को बढ़ावा देने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका आदि के बारे में जानकारी दी गई और विभिन्न गतिविधियों का अभ्यास कराया गया। इसी के साथ तृतीय दिवस के प्रशिक्षण सत्र का समापन हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम बाल विकास परियोजना क्षेत्र नगरक्षेत्र से चयनित 26 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर सत्र प्रभारी संजय कुमार, सुरेश तिवारी, नीरज कुमार, अजीत कुमार, शशिकला पाण्डेय, विमला रानी, दुर्गा देवी, अनिता, चन्दा, लक्ष्मीना, पूनम मौर्या, दीप्ति चौरसिया, शोभा सिंह, रेखा, राना तबस्सुम, पिंकी देवी, संध्या, संगीता, माया, सुधा, नीरा, वीणा कश्यप आदि की उपस्थिति रही।

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)