भगवान बिष्णु गयासुर की अटूट निष्ठा से प्रभावित मानव आत्माओं के पापों के नाश की शक्ति प्रदान की

*श्री मद्भागवत कथा में भक्तजन हुए भाव विभोर।
समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी क्षेत्र के कोइरीपुर खुर्द में चल रहे सात दिवसीय श्री मद्भागवत महापुराण सप्ताह कथा के 6वें दिवस की कथा का भक्तजनों ने रसपान कर भाव विभोर हो उठे।
कथा में गया-गजाधर जी की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान विष्णु जी अपनी दया और करुणा के लिए जाने जाते हैं,गयासुर के समर्पण से अभिभूत होकर उसकी भक्ति की परीक्षा लेने का निर्णय किया और उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु जी ने गयासुर को वरदान दिया कि जहां भी उसका शरीर फैलेगा वहां पितरों का तर्पण करने से पितरों की आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होगी। गया में पिंडदान करना शुभ माना जाता है।गया में फाल्गुनी नदी के स्पर्श से भी पितरों का कल्याण होता है। यहाँ भगवान राम ने भी अपने पिता दशरथ के लिए पिंडदान किया था।
गया में धर्मारण्य वेदी पर पिंडदान से प्रेतात्मा छूमंतर होती है। आत्मा और प्रेतात्मा में विश्वास रखने वाले लोग अश्विन कृष पक्ष की प्रतिपदा तिथि से पितृ पक्ष की समाप्ति तक गया में आकर पिंडदान करते हैं।
भगवान विष्णु की महिमा और जीवन के महत्वपूर्ण सिद्धांतो की शिक्षा के बारे में कथावाचक प0 हरिकृष्ण पांडेय (शास्त्री जी) नैमिषारण्य व कथा परायण प0 आकाश मिश्रा(अमित मिश्रा) द्वारा कथा का रसपान कराया गया। 3बजे से हरि इच्छा तक कथा नियमित चल रही है जो कल तक चलेगी।
सहायक कर्ता प0धीरज मिश्र और 8 ब्राह्मण जपकर्ता के साथ विशाल यज्ञ पंडाल में पूर्ण विधि विधान के साथ सम्पन्न कराया जा रहा है।
श्री मद्भागवत कथा में यजमान कपिलनारायन पांडेय,पत्नी श्रीमति साधना पांडेय व परिवार संग श्रोता के रूप में रामगोपाल पांडेय, बुध्धु पांडेय ,अशोक पांडेय,वदन पांडेय,अशोक दुबे,अमित पांडेय, आदित्य पांडेय,चंद्रशेखर पांडेय सहित समस्त पांडेय परिवार भागवत कथा में नियमित भाग ले रहे हैं।
कथा विश्राम के बाद भक्तजनों में प्रतिदिन प्रसाद वितरण किया जा रहा है। मद्भागवत कथा के चलते आस पास के क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो उठा है। कथा श्रवण से श्रोताओं का जीवन धन्य हो जा रहा है। भगवान भक्ति की ऊर्जा प्रबल होकर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर रही है।

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