स्वास्थ्य योजनाओं की जमीनी समझ पर जोर, वार्ड स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में अहम पहल
वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
18 मार्च।
किशनगंज जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और उन्हें अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ठाकुरगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ग्राम पंचायतों के वार्ड सदस्यों के लिए आयोजित एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम के पाँचवें एवं अंतिम बैच का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों को स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने प्रतिभागियों को परिवार नियोजन, एचपीवी वैक्सीनेशन, नियमित टीकाकरण, संचारी एवं गैर-संचारी रोग, टीबी मुक्त पंचायत अभियान तथा मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तार से दीं। उन्होंने बताया कि यदि वार्ड सदस्य अपने क्षेत्र में इन विषयों पर जागरूकता फैलाते हैं, तो स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और प्रभाव दोनों में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।
प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि वार्ड सदस्य समाज के सबसे नजदीकी प्रतिनिधि होते हैं और वे स्वास्थ्य योजनाओं के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। टीकाकरण, परिवार नियोजन, टीबी उन्मूलन और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर फैली भ्रांतियों को दूर करने में उनकी भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर डॉ. राज कुमार चौधरी (सिविल सर्जन) ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों की भूमिका बेहद अहम है। ऐसे उन्मुखीकरण कार्यक्रम से उन्हें योजनाओं की सही जानकारी मिलती है, जिससे वे अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक कर सेवाओं से जोड़ने में सक्षम होते हैं।
वहीं विशाल राज (जिला पदाधिकारी) ने कहा कि स्वास्थ्य केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सहभागिता से ही इसे बेहतर बनाया जा सकता है। पंचायत प्रतिनिधि इस दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी हैं और जिला प्रशासन उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के साथ ही उन्मुखीकरण के सभी पाँच बैचों का सफल समापन हो गया। इससे जिले के विभिन्न पंचायतों के वार्ड सदस्य अब स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रति अधिक जागरूक होकर अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
यह पहल जिले में “स्वस्थ पंचायत” की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।



