कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जोनल युवा महोत्सव के दूसरे दिन संगीत, नृत्य और साहित्यिक प्रतियोगिताओं में दिखी प्रतिभा
समाज जागरण | अश्विनी वालिया
कुरुक्षेत्र, 18 अक्टूबर। सेठ नवरंग राय लोहिया जयराम कन्या महाविद्यालय में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जोनल युवा महोत्सव के दूसरे दिन विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताओं का आयोजन उत्साह के साथ किया गया। विभिन्न महाविद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य, साहित्य और अन्य कलात्मक विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कृति, हरियाणवी लोक परंपराओं और आधुनिक रचनात्मकता का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
श्री जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष एवं श्री जयराम शिक्षण संस्थान के चेयरमैन ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी की प्रेरणा से संचालित महाविद्यालय ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है। युवा महोत्सव के दौरान परिसर में उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक उल्लास का माहौल रहा।
पूर्व मंत्री सुभाष सुधा ने प्रतिभागियों का बढ़ाया उत्साह
प्रातःकालीन सत्र में हरियाणा के पूर्व मंत्री सुभाष सुधा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के कुलपति प्रो. करतार सिंह धीमान, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. अंकेश्वर प्रकाश, युवा कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. विवेक चावला, उपनिदेशक सलोनी दीवान, बाबू अनंत राम जनता कॉलेज, कोल के प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल और डीवाईसी के नामित प्रतिनिधि डॉ. नीरज बातीश सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे।
सुभाष सुधा ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि गीत, संगीत और नृत्य के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया है। उन्होंने महोत्सव के आयोजन की प्रशंसा की और जयराम शिक्षण संस्थान के प्रबंधन को बधाई दी।
युवा महोत्सव युवाओं की ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का उत्सव
सायंकालीन सत्र में जय भगवान शर्मा डीडी मुख्य अतिथि तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सुदेश रावल ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
जय भगवान शर्मा ने कहा कि युवा महोत्सव केवल प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा, कल्पनाशीलता और सांस्कृतिक चेतना का उत्सव है। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां भारतीय संस्कृति और हरियाणवी लोक परंपराओं की समृद्ध झलक पेश करती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
प्रतिभा निखारने का मिला अवसर
आयोजित प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य, साहित्य और विभिन्न कलात्मक विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाई। अतिथियों ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, रचनात्मकता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
युवा महोत्सव के दूसरे दिन की गतिविधियों ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने, नए अनुभव प्राप्त करने और विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ सांस्कृतिक एवं रचनात्मक संवाद स्थापित करने का अवसर प्रदान किया।
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