सिविल सर्जन ने बेटियों को बताया घर की लक्ष्मी
दैनिक समाज जागरण, ( महेन्द्र प्रजापत बहल )
बहल- भिवानी। केंद्र एवं हरियाणा सरकार द्वारा संचालित बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत भिवानी जिले में एक प्रेरणादायक आयोजन किया गया। जिले के रोहतक रोड स्थित एक निजी रिसॉर्ट में नवजात वेदिका आर्य के जन्म की खुशी में पारंपरिक जलवा पूजन समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नारी सम्मान और सामाजिक बदलाव का प्रतीक बन गया।
वेदिका का जन्म खुशबू आदित्य प्रकाश एवं उर्मिला रानी के घर हुआ, जिसे परिवार ने बेटे की तरह मनाते हुए पूरे हर्षोल्लास से समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के तौर पर सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सीडीपीओ किरण देवी, सुपरवाइजर रेखा शर्मा, और आंगनबाड़ी वर्कर उर्मिला, बबीता, सुनीता, अंजना, दर्शना देवी, हेल्पर रेखा व अंजू सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सभी उपस्थित लोगों ने वेदिका और उसके परिजनों को बधाई दी और बेटी के जन्म को सौभाग्य का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि बेटा और बेटी में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। समाज में बेटियों को बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए इस तरह के आयोजनों की आवश्यकता है। बेटियों को भी वह हर अवसर और अधिकार मिलना चाहिए, जो एक बेटे को मिलते हैं।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का मूल उद्देश्य बेटियों की घटती संख्या को रोकना और उनके जन्म से लेकर शिक्षा तक हर स्तर पर उन्हें समान अवसर प्रदान करना है। इस आयोजन ने यह साबित किया कि समाज अब बदलाव की राह पर है और बेटियों को भी वही सम्मान और महत्व मिल रहा है, जिसके वे योग्य हैं।
इस तरह के आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश फैलता है और अन्य परिवारों को भी प्रोत्साहन मिलता है कि वे भी बेटियों के जन्म पर गर्व करें और समाज में एक नई मिसाल कायम करें।



