दुर्गुण त्यागने का संकल्प लें-आचार्या श्रुति सेतिया*
गाजियाबाद,वीरवार 24 जुलाई 2025,केन्द्रीय आर्य युवक परिषद् के तत्वावधान में “जन्मदिन कैसे मनायें” विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया।यह कोरोना काल से 731 वाँ वेबिनार था।
वैदिक विदुषी श्रुति सेतिया ने कहा कि हमें अपने जन्मदिवस पर दुर्गंण
त्यागने और सद्गुण धारण करने का संकल्प लेना चाहिए।उन्होंने कहा कि अपने पूर्व जीवन के सुकर्मों व दुष्कर्मों पर दृष्टि डालकर दुर्गुणों को त्यागने व सत्कर्मों को अपनाने के लिए प्रभु से प्रार्थना करना ही जन्मदिवस मनाने का उद्देश्य है।हम अपने जन्मदिन को वैदिक रीति से मनाएं।हाल के दिनों में रात में 12 बजे में केक आदि काटने का प्रचलन बढ़ा है।यह हमारी संस्कृति में नहीं था।प्राचीन वैदिक परम्परा में जन्मदिन के दिन नित्य कर्म के बाद देवपूजन,गृह पूजन करके दान की परंपरा है।

बड़ों का आशीर्वाद लिया जाता है।वर्तमान समय में पूरा विश्व समुदाय हमारे वैदिक विज्ञान की श्रेष्ठता स्वीकारने लगा है।वहीं हम सब उनकी जीवन शैली को अपनाकर गर्व महसूस करते हैं। जन्मदिन पर केक काटना, मोमबत्तियां जलाकर बुझाना, जन्मदिन के जश्न में शराब,मांस का भक्षण करना इत्यादि कार्यक्रम हमारी भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं हैं।भारतीय संस्कृति में दीप प्रज्वलित करके शुभ कार्य का प्रारंभ किया जाता है।बच्चे हमारे कुलदीपक हैं,उनके यश कीर्ति तथा उज्वल भविष्य की कामना दीपक जलाकर करनी चाहिए,मोमबत्तियां बुझकर नहीं।जन्मदिन मनाना ही है तो किसी बुरी आदत के त्यागने के संकल्प के साथ विद्या,धन आदि का दान देकर,वृक्षारोपण आदि करके दिन दुखियों की सेवा करके मनाया जा सकता है।अतः प्रत्येक जन्मदिवस यज्ञीय वातावरण में परमात्मा के सानिध्य में पुण्य कृत करते हुए मनाना चाहिए।जन्मदिन अर्थात जीव की आध्यात्मिक दृष्टि से उन्नति।
मुख्य अतिथि विमला आहूजा व अध्यक्ष राजश्री यादव ने भी जन्मदिन सादगी पूर्ण कुछ उदेश्य के साथ मनाने का आह्वान किया।परिषद अध्यक्ष अनिल आर्य ने कुशल संचालन किया व प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण आर्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
गायिका कौशल्या अरोड़ा, जनक अरोड़ा, कमला हंस, संतोष धर, सरला बजाज, उषा सूद, कुसुम भण्डारी आदि ने मधुर भजन सुनाए।



