जीविका सीईओ ने पोठिया टी फैक्ट्री का किया निरीक्षण, उत्पादन बढ़ाने के दिए निर्देश

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा ने पोठिया स्थित टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई का निरीक्षण कर महानंदा लीफ चायपत्ती के उत्पादन कार्य की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पिछले सीजन (अगस्त–दिसंबर 2025) में लगभग डेढ़ लाख किलो चायपत्ती उत्पादन पर संतोष जताते हुए नए सीजन में उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए।
सीईओ ने कहा कि किशनगंज की जीविका दीदियाँ पहले चायपत्ता की खेती और पत्ता तोड़ने का काम करती थीं, लेकिन अब वे टी फैक्ट्री का संचालन भी कर रही हैं, जो गर्व और खुशी की बात है। बिहार सरकार के कैबिनेट निर्णय के बाद टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई, पोठिया के संचालन की जिम्मेदारी जीविका दीदियों को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि इस सीजन में 10 लाख किलो महानंदा लीफ चायपत्ती उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।


निरीक्षण के दौरान उन्होंने महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के साथ बैठक कर चायपत्ता खरीद, उत्पादन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को लेकर रणनीति पर चर्चा की। साथ ही चायपत्ती की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और चायपत्ता की खेती से जुड़ी जीविका दीदियों के प्रशिक्षण पर जोर देने के निर्देश दिए।
मौके पर जीविका की अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा, डीपीएम जीविका अनुराधा चंद्रा सहित अन्य कर्मी मौजूद थे।


गौरतलब है कि 25 अप्रैल 2025 को बिहार सरकार के कैबिनेट निर्णय के बाद टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई, पोठिया को जीविका को सौंपने की सहमति दी गई थी। इसके बाद 27 अप्रैल 2025 को डीआरडीए किशनगंज द्वारा इसे औपचारिक रूप से जीविका को हस्तांतरित कर दिया गया।


महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड किशनगंज जिले के पोठिया, ठाकुरगंज और किशनगंज सदर प्रखंड में कार्यरत है, जिसमें वर्तमान में 737 महिला शेयरधारक जुड़ी हुई हैं। कंपनी का संचालन छह सदस्यीय निदेशक मंडल द्वारा किया जाता है। इस टी फैक्ट्री से सीधे तौर पर 45 लोगों को रोजगार मिला है, जिनमें 21 महिलाएँ और 24 पुरुष शामिल हैं।


वर्तमान में करीब 1800 किसानों से चायपत्ता की खरीद की जा रही है। अगस्त से दिसंबर 2025 के बीच 6 लाख 86 हजार 251 किलो चायपत्ता खरीदा गया, जिससे 1 लाख 55 हजार 639 किलो चायपत्ती का उत्पादन हुआ। फरवरी 2026 तक लगभग 84 हजार किलो चायपत्ती की बिक्री से करीब 1 करोड़ 48 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई है।

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