समाज जागरण पटना जीला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ बिहार में नीतीश सरकार ने राज्य की जीविका दीदियों को पिंक बसों में ड्राइवर और कंडक्टर बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए इच्छुक जीविका दीदियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि वे महिलाओं के लिए चलाई जा रही पिंक बसों में सेवाएं दे सकें। इस पहल का उद्देश्य न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है बल्कि जीविका दीदियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोलना है। बिहार सरकार ने इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक जीविका दीदियां या अन्य महिलाएं 15 दिसंबर तक आवेदन कर सकती हैं। आवेदन के लिए न्यूनतम योग्यता आठवीं पास होना आवश्यक है। हालांकि, नियोजन के दौरान 9वीं और 10वीं पास उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। पिंक बसों में ड्राइवर और कंडक्टर बनने के लिए चयनित उम्मीदवारों को पहले पटना या औरंगाबाद स्थित हैवी मोटर व्हीकल प्रशिक्षण संस्थान में ट्रेनिंग दी जाएगी। इस प्रशिक्षण में सफल होने के बाद, महिलाओं को बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा संचालित पिंक बसों में संविदा आधारित नियुक्ति दी जाएगी। ट्रेनिंग के बाद जिन महिलाओं के पास एचएमवी (Heavy Motor Vehicle) लाइसेंस होगा उन्हें बस चलाने का अधिकार और कंडक्टर की जिम्मेदारी दी जाएगी। बिहार के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने विभागीय समीक्षा बैठक में बताया कि जीविका दीदियों को पिंक बसों में ड्राइवर और कंडक्टर बनाने से न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उन्हें स्थायी और संविदा आधारित रोजगार भी मिलेगा। मंत्री ने कहा कि यह पहल राज्य सरकार की महिला केंद्रित नीतियों का हिस्सा है, और इसका लक्ष्य महिलाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खोलना है। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना से संबंधित सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर प्रशिक्षण और नियुक्ति की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवारों को प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी कौशल, यातायात नियम, वाहन संचालन और ग्राहक सेवा जैसी जानकारियों में दक्ष बनाया जाएगा।



