अभय कुमार मिश्रा, दैनिक समाज जागरण, ब्यूरो चीफ, कोल्हान झारखंड
सरायकेला खरसावां (झारखंड)30 जून 2025:– वीर शहीद सिदो-कान्हू की पवित्र भूमि भोगनाडीह में हूल दिवस जैसे ऐतिहासिक और गरिमामयी अवसर पर शहीदों के वंशजों को ही सरकार ने पूजा और श्रद्धांजलि कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस भूमि पर आदिवासी अस्मिता की गूंज है, उसी भूमि पर राजनीतिक अहंकार और सरकारी दमन हावी है।
शहीदों एवं आदिवासियों का सम्मान करने की बजाय यह सरकार उनकी आवाज़ दबा रही है और इतिहास को अपमानित कर रही है।
ऐसे में आज झारखण्ड की दमनकारी सरकार के विरोध में एक और उलगुलान एक और हूल की आवश्यकता है।
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