google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

पत्रकार डॉ ज्ञानेंदु जयपुरियार ने कैंसर पीड़ित महिला के नाम किया 50वां रक्तदान

बोन कैंसर से पीड़ित महिला निशात अंजुम को अचानक पड़ गई खून चढ़ाने की जरूरत

पगमिल रोड निवासी कोहिनूर सेनेटरी के संचालक खैरुल वरा उर्फ बॉबी की भी रही अहम भूमिका ।

मनोज कुमार ब्यूरो चीफ दैनिक समाज जागरण हजारीबाग।

हजारीबाग। पत्रकार डॉ ज्ञानेंदु जयपुरियार ने बुधवार को कैंसर पीड़ित महिला के नाम अपना 50वां रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की। पगमिल फ्रेंड्स कॉलोनी की महिला निशात अंजुम छह माह से कैंसर पीड़ित हैं। उन्हें बोन कैंसर है। उनके पति वसी अहमद ठेकेदार हैं। निशात अंजुम का इलाज रांची स्थित टाटा रिसर्च कैंसर हॉस्पिटल से चल रहा है। अचानक उन्हें खून चढ़ाने की नौबत आयी। जब पत्रकार डॉ ज्ञानेंदु जयपुरियार को इसकी जानकारी मिली, तो स्वेच्छा से उन्होंने सदर अस्पताल हजारीबाग के ब्लड बैंक में रक्तदान किया। ‘ओ पोजिटिव’ ब्लड की जरूरत थी और डॉ ज्ञानेंदु का रक्त भी इसी ग्रुप से था। महिला के लिए ब्लड डोनर तलाशने में पगमिल रोड निवासी कोहिनूर सेनेटरी के संचालक खैरुल वरा उर्फ बॉबी की अहम भूमिका रही। डॉ ज्ञानेंदु जयपुरियार ने अपने शहर हजारीबाग से ही वर्ष 2000 से रक्तदान आरंभ किया था। वह साल में औसतन दो बार रक्तदान करते रहे हैं। उनका कहना है कि रक्तदान से अगर किसी को जीवनदान मिलता है, तो इसमें संकोच कैसा ? उन्हें खुशी है कि उनका रक्त किसी पीड़ित मानव की जीवन सुरक्षा में काम आता है। उन्होंने बोकारो, पटना आदि जगहों पर काम करते हुए कई बार रक्तदान किया। वह भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के आजीवन सदस्य भी हैं। उन्होंने होम्योपैथ में डॉक्टर की डिग्री भी ले रखी है। साथ ही होम्योपैथिक इलाज भी करते हैं। डॉ ज्ञानेंदु होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के जिला प्रवक्ता भी हैं। वह दूसरे लोगों को भी रक्तदान के लिए लगातार प्रेरित करते रहे हैं। वह कहते हैं कि रक्तदान से महादान और कोई नहीं। रक्तदान करने से शरीर स्वस्थ रहता है। इसलिए हर व्यक्ति को जीवन में रक्तदान करते रहना चाहिए।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)