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कालाजार उन्मूलन अभियान: कीटनाशक छिड़काव शुरू, हजारों लोगों को मिलेगा लाभ

बालू मक्खी के खात्मे के लिए स्वास्थ्य विभाग की बड़ी पहल, सभी प्रभावित गांवों में व्यापक अभियान

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
19 फरवरी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कालाजार उन्मूलन के लिए सिंथेटिक पैराथाइराइड कीटनाशक छिड़काव अभियान का शुभारंभ प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. मंजर आलम द्वारा किया गया। यह अभियान बालू मक्खी के प्रकोप को खत्म करने और कालाजार की रोकथाम के लिए चलाया जा रहा है।
प्रखंडवार छिड़काव अभियान का शेड्यूल और लाभान्वित जनसंख्या:
किशनगंज प्रखंड: 1,195 घरों के 2,987 कमरों में छिड़काव होगा, जिससे 5,974 लोगों को लाभ मिलेगा। अभियान 19 फरवरी से आगामी 10 दिनों तक चलेगा।

दिघलबैंक प्रखंड: 9,777 घरों के 24,445 कमरों में छिड़काव कर 48,885 लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। यह अभियान 19 फरवरी से 54 दिनों तक चलेगा।

बहादुरगंज प्रखंड: 9,257 घरों के 22,850 कमरों में छिड़काव किया जाएगा, जिससे 46,241 लोगों को लाभ मिलेगा। यह कार्य 19 फरवरी से 38 दिनों तक चलेगा।

टेढ़ागाछ प्रखंड: 5,521 घरों के 13,725 कमरों में छिड़काव कर 27,749 लोगों को बालू मक्खी के खतरे से सुरक्षित किया जाएगा। यह अभियान 20 फरवरी से 22 दिनों तक चलेगा।

पोठिया प्रखंड: 5,424 घरों के 13,560 कमरों में छिड़काव कर 27,121 लोगों को सुरक्षा दी जाएगी। यह अभियान 21 अप्रैल से 39 दिनों तक चलेगा।

ठाकुरगंज प्रखंड: 2,325 घरों के 5,812 कमरों में छिड़काव किया जाएगा, जिससे 11,625 लोगों को लाभ मिलेगा। यह कार्य 31 मार्च से 20 दिनों तक चलेगा।
कालाजार और बालू मक्खी से बचाव क्यों जरूरी?

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. मंजर आलम के अनुसार, कालाजार एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो बालू मक्खी के काटने से फैलती है। यह मक्खी आमतौर पर घर की दीवारों की दरारों, नमी वाले स्थानों और मिट्टी के घरों में पाई जाती है। छिड़काव से इनकीटाणुओं को खत्म किया जाता है, जिससे संक्रमण को रोका जा सकता है।
कालाजार के लक्षण और निःशुल्क इलाज की सुविधा

कालाजार के मुख्य लक्षणों में लगातार बुखार, वजन घटना, त्वचा का रंग बदलना, तिल्ली और लिवर का बढ़ना शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों में कालाजार की जांच और इलाज पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध करा रहा है।
छिड़काव के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां:

छिड़काव से पहले घरों की दीवारें साफ करें और दरारों को बंद करें।
छिड़काव के बाद कम से कम दो घंटे तक घर के अंदर प्रवेश न करें।
खाद्य सामग्री, बर्तन, कपड़े और पीने के पानी को ढंक कर रखें।

छिड़काव के बाद दीवारों की लिपाई-पुताई न करें, ताकि दवा का प्रभाव बना रहे।
मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें और जमीन पर सोने से बचें।
सतर्कता और जागरूकता से ही होगा कालाजार का खात्मा
स्वास्थ्य विभाग ने गांव के लोगों, आशा कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और स्कूल शिक्षकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करें।

“कालाजार उन्मूलन के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। अगर समय रहते इस अभियान में पूरा सहयोग मिला, तो जिले से कालाजार को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।” – डॉ. मंजर आलम, प्रभारी सिविल सर्जन।
जनहित में स्वास्थ्य विभाग की अपील:

“छिड़काव के समय घरों में उपस्थित रहें, सभी जरूरी सावधानियां बरतें और कालाजार के लक्षण दिखने पर तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवाएं। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें।


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