व्याख्याता फूलचंद कोल हुए सेवानिवृत्त, पैतृक ग्राम में भी आयोजित हुआ सम्मान समारोह

43 वर्षों की अनुकरणीय सेवा के बाद भावभीनी विदाई, शिक्षकों और ग्रामीणों ने किया सम्मान

समाज जागरण | कटनी। शासकीय देवरीहटाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से सेवानिवृत्त हुए व्याख्याता फूलचंद कोल ने अपने सेवाकाल के 43 वर्ष पूर्ण कर गत दिवस अपने पदस्थ विद्यालय से सेवानिवृत्ति ग्रहण की। उनके दीर्घ, अनुकरणीय और समर्पित सेवाकाल को यादगार बनाने के लिए उनके पैतृक ग्राम नन्हवाराखुर्द में परिजनों द्वारा एक वृहद सम्मान समारोह एवं प्रीतिभोज का आयोजन किया गया।

समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने व्याख्याता फूलचंद कोल की सेवाओं को याद करते हुए उन्हें एक आदर्श शिक्षक बताया। अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय प्रवक्ता कुंवर मार्तण्ड सिंह राजपूत ने उनके सेवाभाव, अनुशासन और शिक्षक धर्म के प्रति निष्ठा को अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि श्री कोल ने अपने पूरे सेवाकाल में शिक्षा को केवल नौकरी नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व के रूप में निभाया।

विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती कल्पना मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्री कोल की कमी विद्यालय को हमेशा खलेगी। उन्होंने शाला के प्रति उनके समर्पण, समयबद्धता और नियमितता की खुलकर प्रशंसा की। वहीं जोबीकला विद्यालय के प्राचार्य रामकुमार पटेल ने छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए उनके निरंतर प्रयासों को आज के शिक्षकों के लिए प्रेरणास्पद बताया।

सम्मान समारोह में अजय मिश्रा, कमलेश सोनी, श्रीमती आशा सिंह, ज्योति, देवेंद्र विश्वकर्मा, हिमांशुदास सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए व्याख्याता श्री कोल की कार्यशैली, बालकेंद्रित सोच और बहुआयामी व्यक्तित्व को सराहा।

इस अवसर पर सेवा निवृत्त शिक्षक के परिवार द्वारा उनके निज निवास पर पधारे प्रत्येक अतिथि का पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे पूरा वातावरण भावविभोर हो उठा। अंत में श्री फूलचंद कोल ने समारोह में उपस्थित सभी शिक्षक साथियों, अतिथियों और ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो स्नेह और सम्मान मिला है, वह उनके जीवन की अमूल्य पूंजी है।

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