राज्य शिक्षक संघ की अनुकरणीय पहल, जरूरतमंदों की सेवा को मिला सम्मान
समाज जागरण | कटनी। राज्य शिक्षक संघ द्वारा हाल ही में सेवानिवृत्त उन शिक्षकों को सम्मानित करने की एक सराहनीय पहल की गई, जो सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज सेवा को अपना धर्म मानकर जरूरतमंदों की सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे शिक्षकों का सम्मान कराना न केवल उनका मनोबल बढ़ाने वाला कदम है, बल्कि समाज के लिए प्रेरणास्रोत भी है।

राज्य शिक्षक संघ का मानना है कि जिन शिक्षकों ने अपने पूरे सेवाकाल में “पहले कर्तव्य, फिर अधिकार” की मूल भावना को आत्मसात करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन किया और सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षकों, दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंद कर्मचारियों को न्याय दिलाने के लिए अपना समय और ऊर्जा समर्पित की, उन्हें समाज और शासन के समक्ष सम्मानित किया जाना चाहिए।
इसी कड़ी में कर्मचारी हितैषी अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संगठन के प्रांतीय प्रवक्ता एवं दिव्यांग कल्याण संघ के संयोजक कुंवर मार्तण्ड सिंह राजपूत तथा राज्य शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष गणेश शंकर गर्ग को सम्मानित किया गया। दोनों ही शिक्षक सेवानिवृत्ति के बाद पहले से भी अधिक लगन, उत्साह और सक्रियता के साथ समाजहित में कार्य कर रहे हैं।
इन दोनों समाजसेवी शिक्षकों को प्रदेश की नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, नर्मदापुरम सांसद दर्शन चौधरी तथा भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक टंडन सोनी के करकमलों से प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस गरिमामयी अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुनील उपाध्याय, रम्मू साहू, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरी, डीपीसी प्रेमनारायण तिवारी, राज्य शिक्षक संघ के विनीत मिश्रा, विपिन तिवारी, जिलाध्यक्ष जयप्रकाश हल्दकार, शैलेन्द्र त्रिपाठी सहित जिले भर के सैकड़ों उत्कृष्ट एवं सेवाभावी शिक्षक-शिक्षिकाएं, वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राज्य शिक्षक संघ की यह पहल न केवल शिक्षकों के सामाजिक योगदान को सम्मान देने का कार्य है, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद भी सक्रिय और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देने वाला उदाहरण भी है।




