पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के जन्मदिन पर किया गया नमन

राजकीय महाविद्यालय कालांवाली में श्रद्धांजलि कार्यक्रम, नारी शिक्षा के संघर्ष को किया याद

समाज जागरण | कालांवाली (सुरेश जोरासिया)। राजकीय महाविद्यालय कालांवाली, जिला सिरसा में इतिहास विषय परिषद द्वारा भारत की पहली महिला शिक्षिका एवं नारी मुक्ति की प्रणेता सावित्रीबाई फुले के जन्मदिन के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य दिलराज सिंह की अध्यक्षता में तथा इतिहास विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रामलाल बलजोत के संयोजन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य दिलराज सिंह द्वारा सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने सावित्रीबाई फुले को सामाजिक क्रांति की अग्रदूत बताते हुए कहा कि उन्होंने महिला शिक्षा के क्षेत्र में जो अलख जगाई, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

इतिहास विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रामलाल बलजोत ने सावित्रीबाई फुले के जीवन और संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे केवल भारत की पहली महिला शिक्षिका ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक और क्रांतिकारी विचारक भी थीं। जब वे महिलाओं को शिक्षित करने के लिए घर से बाहर निकलती थीं, तब रूढ़िवादी सोच के लोगों द्वारा उन पर गोबर और कीचड़ फेंका जाता था, लेकिन उन्होंने कभी अपने संकल्प को कमजोर नहीं होने दिया। इसी कारण वे अपने साथ अतिरिक्त साड़ी रखती थीं और वस्त्र बदलकर पुनः शिक्षा का संदेश फैलाने निकल पड़ती थीं।

उन्होंने बताया कि सावित्रीबाई फुले ने गर्भवती विधवा काशीबाई को अपने आश्रम में आश्रय देकर न केवल जच्चा-बच्चा को जीवनदान दिया, बल्कि नवजात शिशु यशवंत राव को गोद लेकर उनका पालन-पोषण किया और पढ़ा-लिखाकर डॉक्टर बनाया। इससे समाज में विधवाओं को नई दिशा और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने की प्रेरणा मिली।

सावित्रीबाई फुले ने अपने पति ज्योतिबा फुले द्वारा स्थापित सत्यशोधक समाज में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने विधवा पुनर्विवाह, सती प्रथा, बाल विवाह, छुआछूत और सामाजिक असमानता के विरुद्ध मुखर आवाज उठाई तथा बालिका विद्यालयों की स्थापना कर स्त्री शिक्षा की मजबूत नींव रखी। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि आज भारतीय महिलाएं शिक्षा और हर क्षेत्र में आगे बढ़कर देश का नाम रोशन कर रही हैं।

इस अवसर पर महाविद्यालय के स्टाफ सदस्य प्रोफेसर जसपाल सिंह, प्रोफेसर जितेंद्र, प्रोफेसर गीता कुमारी, डॉ. हरजीत सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।

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