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महाराज जरासंध की 5258वीं जयंती सादगीपूर्वक मनाई गई, समाज में एकता व नशा-मुक्ति का संकल्प

पंकज कुमार पाठक,संवाददाता पदमा, दैनिक समाज जागरण

पदमा -अखिल भारतीय चंद्रवंशी समाज, पदमा के तत्वावधान में चंद्रवंशी भवन, पदमा में चंद्रवंशी वंश के महान सम्राट महाराज जरासंध की 5258वीं जयंती सादगीपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर समाज के सदस्यों ने महाराज जरासंध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज के अध्यक्ष रंजीत चंद्रवंशी ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि महाराज जरासंध केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि समाज को एकजुट रखने वाले आदर्श शासक भी थे। उन्होंने समाज के लोगों से महाराज जरासंध के उपदेशों को आत्मसात करने, आपसी एकता बनाए रखने और नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
अध्यक्ष ने बताया कि समाज के कुछ युवाओं के असमय निधन के कारण इस वर्ष जयंती समारोह को सादगीपूर्वक मनाया गया।
सभा को संबोधित करते हुए अशोक सिंह ने एकता का संदेश देते हुए कहा, “जिस प्रकार झाड़ू के तिनके एक साथ मिलकर सफाई करते हैं, लेकिन अलग होने पर खुद कचरा बन जाते हैं, उसी प्रकार समाज को भी एकजुट रहना चाहिए।”
वहीं, समाज के उपाध्यक्ष गौरीशंकर सिंह ने कहा कि एकजुटता से कोई भी कठिन समस्या का समाधान संभव है। गौतम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सृष्टि में महाराज जरासंध जैसे असाधारण व्यक्तित्व बहुत विरले हुए हैं, जिन्होंने दो माताओं की कोख से जन्म लेकर इतिहास रचा।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अजय सिंह, विजय सिंह, पंकज सिंह, गौतम चंद्रवंशी, प्रदीप सिंह, पिंटू सिंह, सुरेश सिंह, उमेश सिंह, मनोज वर्मा, सुदर्शन सिंह, वासुदेव सिंह, नंदकिशोर सिंह, बद्री सिंह, तनुज सिंह, शंकर सिंह, दीपक सिंह, प्रेम सिंह, नागो चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित थे।


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