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मक्के के भुट्टो से भर दिया ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र, संबंधित अधिकारी बेख़बर।

जनपद में अधिकांश कूड़ा घर, निजी इस्तेमाल में लिए जा रहे है, कुछ बने पडे है सफेद हाथी।
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सरकार के स्वच्छता अभियान को सचिव, प्रधान लगा रहे है पलीता।
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दैनिक समाज जागरण प्रवेश कुमार यादव

संभल/बहजोई/पबांसा सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान को संबंधित द्वारा लगाया जा रहा है पलीता।
सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र का निर्माण कराया गया ,इसका सचिव व प्रधानों को इसका मतलब ही नहीं पता है अगर पता होता तब बह सरकार की इस योजना का दुरपयोग नही करते बल्कि सदुपयोग करते।

*ठोस अपशिष्ट प्रबंधन* का तात्पर्य है कि घरों, उधोग, कृषि और चिकित्सा सुविधाओं से उत्पन्न ठोस अपशिष्टों के व्यवस्थित संग्रह उपचार और निपटान से है, प्रदूषण को कम करने, बीमारियों को रोकने और पर्यावरण स्वच्छता बनाए रखने के लिए उचित प्रबंधन आवश्यक होना चाहिए इसी के चलते सरकार ने यह ठोस कदम उठाए परन्तु सचिव की लापरवाही के चलते सरकारी धन का किया जा रहा है दुरपयोग।



*पूरा मामला*

पंवासा विकास खंड के गांवों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र या तो निजी कार्य में इस्तेमाल किए जा रहे है,या कुछ अधर में लटके पड़े हैं,*हदें पार*
*पंवासा विकास खंड के गांव नगला खाकम* गांव में अधुरे बने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र में ग्रामीणों ने मक्के के भुट्टे ही भर दिये,*कैली गांव* में मोटरसाइकिल स्टेंड से लेकर बडे बच्चे और नौनिहाल बच्चे आराम फरमाते है,यही हालत बहजोई विकास खंड के गांव वहां पुर का हाल है।
सैकड़ों की तादाद में बने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र कर रहे है कूड़े का इंतजार, सचिव और प्रधान ने इनको बनवाकर प्रमाण दे दिया और अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया।
आखिर उच्च अधिकारियों के संज्ञान में ऐसे मामले क्यों नहीं आते।


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