google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

*मांगे पूरी ना होने से नाराज 28 सचिवों ने जमा किए डोंगल सरकार के प्रति जताई नाराजगी*

*विवेक कुमार समाज जागरण संवाददाता*

लखनऊ में ग्राम पंचायत सचिवों ने बुधवार को साइकिल भत्ते और सुविधाओं की कमी के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया था। उत्तर प्रदेश ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन और ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर लखनऊ जनपद के सभी विकासखंडों सहित मोहनलालगंज में यह विरोध प्रदर्शन किया गया था सचिवों ने अपनी साप्ताहिक बैठकों में मोटरसाइकिल युग में दिए जा रहे मात्र ₹100-₹200 के ‘साइकिल भत्ते’ का विरोध जताने के लिए साइकिल चलाकर बैठक स्थल पर पहुंचकर सरकार को संदेश दिया था।सचिवों का कहना है कि जब उन्हें मोटरसाइकिल, पेट्रोल और फील्ड विजिट के अनुरूप कोई सुविधा नहीं दी जा रही है, तो वे भी सरकारी योजनाओं के फील्ड निरीक्षण और ग्राम भ्रमण अब केवल साइकिल से ही करेंगे उनके अनुसार, यह न केवल एक विरोध है, बल्कि ‘साइकिल भत्ता’ के हिसाब से किए जा रहे व्यवहार का यथार्थ प्रतिबिंब भी है इसी से नाराज मोहनलालगंज खंड विकास कार्यालय के 28 सचिवों ने सोमवार को अपना डोंगल खंड विकास कार्यालय में ए0 डी0 ओ0 पंचायत को जमा किया ।



अतिरिक्त कार्य भी थोपा

अतिरिक्त कार्य भी थोप उन्होंने सुविधाओं में असमानता पर भी प्रकाश डाला। स्वास्थ्य विभाग की आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सीयूजी नंबर और फोन उपलब्ध हैं, जबकि ग्राम पंचायत सचिव, जो ग्राम पंचायत का नोडल अधिकारी होता है, उसे आज तक न सीयूजी नंबर मिला है और न ही फोन। इसके बावजूद, अधिकारियों द्वारा उन्हें 5 मिनट में विकासखंड कार्यालय और आधे घंटे में जिला मुख्यालय पर उपस्थित होने के निर्देश दिए जाते हैं। साथ ही, उन पर अक्सर अन्य विभागों के अतिरिक्त कार्य भी थोप दिए जाते हैं।एडीओ पंचायत को 28 सचिवों ने एक साथ जमा किया सचिवों ने चेतावनी दी पूर्व में दी हुई चेतावनी के अनुसार सुविधाओं के अभाव और ₹100 के भत्ते के साथ काम करना अब संभव नहीं है। यदि उनकी मांगों पर शासन स्तर से अभी तक सुनवाई नहीं हुई है, इसलिए 15 दिसंबर सोमवार को मोहनलालगंज खंड विकास कार्यालय के 28 सचिवों ने सामूहिक रूप से एक साथ अपने-अपने डोंगल (डिजिटल सिग्नेचर/डीएससी) एडीओ पंचायत को एक साथ जमा कर दिया । इससे पंचायत की ऑनलाइन कार्यप्रणाली ठप हो सकती है।

जिला अध्यक्ष ललित कुमार गौतम और ग्राम पंचायत अधिकारी संघ उत्तर प्रदेश के नागेंद्र प्रताप कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि था कि सचिव सम्मानजनक सुविधाओं के साथ कार्य करना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि”अनुचित आदेशों और असंगत भत्तों” के कारण वे मजबूर होकर विरोध की राह पर चले हैं।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)