मथुरा। सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन वीडियो साझा करने वालों के खिलाफ मथुरा पुलिस ने सख्त चेतावनी जारी की है। पुलिस ने कहा है कि सस्ती लोकप्रियता के चक्कर में भ्रामक वीडियो वायरल करने वालों को होली जेल में भी मनानी पड़ सकती है।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए मथुरा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी वीडियो को बिना सत्यापन के साझा न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भ्रामकता फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, एक वीडियो मथुरा का बताकर शेयर किया जा रहा है, जिसमें एक महिला आरोप लगा रही है कि भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में होली के नाम पर महिलाओं के साथ अभद्रता की जा रही है। वीडियो में महिला ने निजी अंगों को निशाना बनाकर रंग फेंकने और छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं।
हालांकि पुलिस जांच में सामने आया है कि यह वीडियो दो साल पुराना है और वर्ष 2024 का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वर्तमान में इस प्रकार की कोई घटना नहीं हुई है और वीडियो को सस्ती लोकप्रियता के लिए दोबारा वायरल किया जा रहा है।
वहीं सोशल मीडिया पर यूजर्स की भी मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां कुछ लोग सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं एक यूजर ने टिप्पणी की कि दो साल पहले जब यही वीडियो साझा हुआ था, तब संबंधित महिला कार्यक्रम की तारीफ कर रही थी, जबकि अब शिकायत कर रही है।
बताया जा रहा है कि वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। दूसरी ओर ब्रजवासियों ने भी वीडियो पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि यह सस्ती लोकप्रियता पाने की कोशिश है। उनका कहना है कि होली यहां हजारों साल पुरानी परंपरा है, जिसे ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के साथ मनाया जाता है। ऐसे भ्रामक कंटेंट फैलाने वाले हैंडल्स पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।



