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औद्योगिक गलियारे के विरोध में किसान संघर्ष: 14 माह से धरना जारी | मेरठ

संवाददाता, मेरठ

मेरठ। औद्योगिक गलियारे के विरोध में मेरठ जनपद के ग्राम छतरी, खड़खड़ी, गोविंदपुरी और खरखोदा के किसानों का संघर्ष लगातार चौदह माह से जारी है। किसान संघर्ष समिति के बैनर तले एकजुट होकर किसान पिछले चौदह माह से निरंतर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं पर शासन–प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

धरने में शामिल किसान सौरज त्यागी, मामचंद नागर, अश्विनी सिंह सहित अन्य किसानों का कहना है कि यदि औद्योगिक गलियारे के नाम पर उनकी भूमि अधिग्रहित की जाती है तो उन्हें अपना पैतृक गांव छोड़कर कहीं और बसना पड़ेगा, जो उनके लिए मरनांतक पीड़ा के समान होगा। किसानों का कहना है कि उनका जीवन, रोजगार और पहचान उनकी भूमि से जुड़ी हुई है।

किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार उनकी भूमि लेना ही चाहती है तो उन्हें वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा दिया जाए, ताकि वे कहीं और सम्मानजनक तरीके से बस सकें। किसानों का आरोप है कि उचित मुआवजे के बिना भूमि अधिग्रहण से न केवल वे बल्कि उनकी आने वाली पीढ़ियां भी बेरोजगारी और विस्थापन की मार झेलने को मजबूर होंगी।

धरनारत किसानों का कहना है कि सरकार लगातार किसी न किसी योजना के नाम पर उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण कर रही है, जिससे किसान हाशिये पर जा रहा है। यदि इसी तरह उपजाऊ भूमि उद्योगों के नाम पर छीनी जाती रही तो आने वाले समय में देश को गंभीर अन्न संकट का सामना करना पड़ सकता है।

किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। किसान संघर्ष समिति ने प्रशासन से संवाद स्थापित कर समाधान निकालने की मांग की है।


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