मेरठ में अवैध निर्माण का खेल: एमडीए की चुप्पी से खड़ा हुआ व्यावसायिक कॉम्पलेक्स

धर्मेन्द्र कुमार समाज जागरण संवाददाता, मेरठ

मेरठ जनपद में अवैध निर्माण पर मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गढ़ रोड स्थित सिसौली बाईपास फ्लाईओवर के निकट खसरा संख्या–308, ग्राम सिसौली में बिना किसी मानचित्र स्वीकृति के पूरा व्यावसायिक कॉम्पलेक्स खड़ा कर दिया गया है, लेकिन प्राधिकरण अब तक मौन साधे बैठा है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम सिसौली निवासी सुनील कुमार द्वारा उक्त भूमि का बैनामा कृषि भूमि के रूप में कराया गया है और उत्तर प्रदेश सरकार को कृषि भूमि के अनुसार ही राजस्व भुगतान किया गया है। इसके बावजूद उसी भूमि पर खुलेआम व्यावसायिक कॉम्पलेक्स का निर्माण कर दिया गया, जो न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि सीधे तौर पर सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचा रहा है।

नियमों के अनुसार, कृषि भूमि पर व्यावसायिक निर्माण से पूर्व भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज़ चेंज) और मानचित्र स्वीकृति अनिवार्य है, लेकिन इस मामले में किसी भी प्रकार की अनुमति या स्वीकृति नहीं ली गई। इसके बाद भी निर्माण कार्य पूर्ण होना एमडीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना प्राधिकरण अधिकारियों की मिलीभगत के इस स्तर का अवैध निर्माण संभव नहीं है। यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो न तो इतना बड़ा निर्माण खड़ा होता और न ही सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शिकायतों और तथ्यों के सामने आने के बावजूद मेरठ विकास प्राधिकरण की ओर से न तो कोई नोटिस जारी किया गया और न ही निर्माण रोकने की कोई कार्रवाई की गई। इससे भूमाफियाओं के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

अब सवाल यह है कि क्या मेरठ विकास प्राधिकरण अवैध निर्माण पर कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। यह प्रकरण न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि शहरी विकास व्यवस्था की साख पर भी गंभीर चोट पहुंचाता है।

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