मुंबई ( गिरजा शंकर अग्रवाल ) – इस नाटक में सौरभ राज जैन श्रीकृष्ण की भूमिका में, पूजा बी शर्मा राधा एवं महामाया के रूप में, तथा अर्पित रांका दुर्योधन एवं कंस की भूमिकाओं में दिखाई देंगे। नाटक का निर्देशन राजीव सिंह दिनकर ने किया है। इसका निर्माण विवेक गुप्ता, राजीव सिंह दिनकर एवं विष्णु पाटिल द्वारा किया गया है। नाटक के लेखक डॉ. नरेश कात्यायन हैं तथा इसका मौलिक संगीत उद्भव ओझा द्वारा रचित है। 2 घंटे 45 मिनट की अवधि वाला “मेरे कृष्ण” एक गहन रंगमंचीय अनुभव है,जो श्रीकृष्ण के जीवन के दिव्य, मानवीय और दार्शनिक आयामों की यात्रा कराता है। यह नाटक 20 जीवंत दृश्यों में प्रकट होता है, जिनमें श्रीकृष्ण के जीवन के प्रमुख अध्यायों को दर्शाया गया है “वृंदावन में उनके बाल्यकाल से लेकर द्वारका में उनके अंतिम क्षणों तक” शाश्वत दर्शन में निहित होते हुए भी, इसकी कथा शैली मनोरंजक, दृश्यात्मक रूप से समृद्ध और भावनात्मक रूप से प्रभावशाली है!जिसमें नाट्यकला, संगीत, नृत्य और मल्टीमीडिया का सुंदर समन्वय है।
यह नाटक श्रीकृष्ण के जीवन के कुछ कम ज्ञात प्रसंगों और दृष्टिकोणों को भी उजागर करता है।
निर्देशक राजीव सिंह दिनकर के अनुसार, निर्देशन की शैली अभिनयात्मक कथा-वाचन को इमर्सिव विज़ुअल्स और प्रतीकात्मक मंच-भाषा के साथ जोड़ती है! जहाँ स्थान, ध्वनि और प्रकाश का उपयोग कर भावनाओं को अनुभव में बदला जाता है।नाटक का स्वर काव्यात्मक होने के साथ आधुनिक है, दार्शनिक होते हुए भी मनोरंजक है। प्रत्येक दृश्य को गतिमान चित्रकला की तरह परिकल्पित किया गया है! जहाँ रंगमंच, दृश्य कला और आध्यात्मिक अन्वेषण एक-दूसरे से मिलते हैं।
इस नाटक के माध्यम से निर्देशक एक संवाद जागृत करना चाहते हैं! पूजा के बारे में नहीं, बल्कि जागरूकता के बारे में।उद्देश्य यह है कि हर दर्शक यह प्रश्न लेकर न जाए कि “श्रीकृष्ण कौन हैं?” बल्कि यह अनुभूति लेकर जाए कि “श्रीकृष्ण मेरे भीतर हैं।”



