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बिचौलिया हड़के, स्वास्थ्य व्यवस्था सख्तसरकारी अस्पतालों में निजी दलालों पर शिकंजा

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
28 जनवरी: सरकारी अस्पतालों में इलाज के नाम पर बिचौलियों और निजी संस्थानों की मिलीभगत पर अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। राज्य सरकार के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह सजग हैं। उद्देश्य स्पष्ट है—सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाला हर मरीज बिना किसी दबाव या प्रलोभन के निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण इलाज पाए।
सदर अस्पताल में गहन निरीक्षण जिलाधिकारी विशाल राज ने बुधवार को सदर अस्पताल किशनगंज का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को बाहरी निजी संस्थानों में जाने के लिए मजबूर न किया जाए।


निजी दलालों पर शून्य सहनशीलता
राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निजी नर्सिंग होम, जांच केंद्र या दवा दुकानों की ओर मोड़ना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में संलिप्त निजी संस्थानों और सरकारी कर्मचारियों दोनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


निगरानी तंत्र और निरंतर समीक्षा
जिला स्तर पर निरीक्षण दल और नोडल पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो नियमित प्रतिवेदन की समीक्षा करेंगे। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकारी अस्पताल वास्तव में जनता का भरोसेमंद केंद्र बने—जहां इलाज मुफ्त, पारदर्शी और सम्मानजनक तरीके से हो।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्तर पर बिचौलियों या संलिप्त कर्मचारियों की पहचान होती है, तो उनके खिलाफ तुरंत कठोर कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य व्यवस्था में यह कदम गरीब और आम जनता के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।


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