अमीर बाप की संपत्ति से से दिलाया जाए 10 करोड़ का मुआवजा
अनूपपुर/अभी हाल ही में एक बहुत ही निंदनीय एवं हृदय विदारक घटना सामने आई है जिसमें महाराष्ट्र प्रदेश के पुणे में एक अमीर बाप विशाल अग्रवाल के बिगड़ैल बेटे ने शराब के नशे में जानबूझकर मध्य प्रदेश के उमरिया निवासी अनीश अवधिया एवं जबलपुर की बेटी अश्वनी को अपनी गाड़ी से कुचल कर मार डालने का मामला सामने आया है यह घटना पूरे देश में चर्चाओं में है और पीड़ित परिवार के प्रति सभी की सहानुभूति देखने को मिल रही है।
समाजसेवी ने लिखा पत्र
पूर्व शासकीय सेवा अधिकारी,उत्कृष्ट समाजसेवी एवं शिक्षाविद जितेंद्र सिंह के द्वारा भारत सरकार के महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी एवं महाराष्ट्र प्रदेश के महामहिम राज्यपाल रमेश बैश को पत्र लेकर प्रार्थना किया है कि महाराष्ट्र के पुणे में दिनांक की 21मई 2024 को रात्रि में औरंगाबाद संभाजी नगर निवासी एक अमीर बाप विशाल अग्रवाल के बिगड़ैल बेटे के द्वारा नशे की हालत में भुत्त होकर 244 करोड़ अनुमानित लागत के पोर्श गाड़ी में जानबूझकर बाइक सवार मध्य प्रदेश के जबलपुर की बेटी अश्विनी एवं उमरिया का लाल अनीश को कुचलकर हत्या कर दी गई जो घोर निंदनीय है तथा ऐसे बिगड़ैल बेटे राष्ट्र के कलंक है महामहिम यह कैसा नाबालिक जिसे पुलिस नाबालिक बता रही है जो करोड़ों की गाड़ी में सवार होकर शराब के नशे में भुत्त होकर पूरी रात जश्न मनाता है, उसकी करतूत नाबालिक जैसी नहीं बल्कि परिपक्व साबित होती है। महामहिम माननीय सर्वोच्च न्यायालय के कुछ निर्णय है जिसमें यदि नाबालिक गंभीर अपराध करता है तो वह नाबालिक नहीं माना जाएगा बल्कि वयस्क जैसे उसके विरुद्ध धारा लगाई जाएगी।
पिता भी कसूरवार मिल रही वीआईपी सुविधा
उक्त घटना में संपूर्ण रूप से दोषी बिगड़ैल बेटे का पिता भी है जिसके द्वारा नाबालिक होते हुए भी करोड़ों रुपए की वाहन में सवार कर रात भर शराब का आनंद और जश्न मनाने के लिए लाइसेंस देकर के रखा गया है। समाचार पत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हत्यारे आरोपी को अमीर पिता के इशारे पर संबंधित थाने में वीआईपी व्यवस्था सेवाएं उपलब्ध कराई गई जिससे जनमानस में भारी आक्रोश है पुलिस का यह कृत्य अपराधियों के हौसले को और भी प्रोत्साहित करने वाला घोर निंदनीय है।
माननीय जी से विशेष प्रार्थना
महामहिम जी से समाजसेवी जितेंद्र सिंह ने मार्मिक प्रार्थना की है कि जिस माता-पिता ने अपना बेटा बेटी खोया है वह इस घटना के दर्द को समझते होंगे लेकिन न्यायालय में ऐसे कुक्रत्य करने वाले गंभीर अपराधी को पुलिस अपने अभिरक्षा में लेकर उसे वीआईपी सुविधा दे तथा माननीय न्यायालय के द्वारा जो आदेश दिया गया उसको मैं सम्मान करता हूं पर भारत देश के न्यायालय में जब अपराधियों को निबंध लिखकर जमानत दे दी जाती है तो हृदय में दर्द होता है। महामहिम जी से मेरी विनती है कि जिस माता-पिता ने अपने बेटा बेटी खोई हैं उनके प्रति संवेदना तथा सच्ची श्रद्धांजलि हेतु आरोपी पर 302 का मुकदमा चलाने की दया हो साथ ही पीड़ित परिवार को अपराधी के अमीर बाप से जिसने करोड़ों की गाड़ी से दो लोगों को कुचलकर हत्या कर दिया उसे भी अभियुक्त बनाया जाए एवं इसके साथ ही पीड़ित परिवार को 10-10 करोड़ मुआवजा राशि आरोपी के अमीर पिता की संपत्ति से भुगतान करने हेतु महाराष्ट्र सरकार को निर्देश देने की दया करें ताकि भविष्य में ऐसे अमीर लोग इस प्रकार की घटना को अंजाम न दे सके।
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