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मिशन 60 डेज हवा हवाई, आखिर कब सुधरेगी सदर अस्पताल की व्यवस्था।

मिशन 60 डेज हवा- हवाई, आखिर कब सुधरेगी सदर अस्पताल औरंगाबाद की व्यवस्था।

सदर अस्पताल औरंगाबाद में चिकित्सक नहीं पहुंचे तो मरीजों ने किया हंगामा ।

ड्यूटी से अक्सर गायब रहते हैं हड्डी रोग विशेषज्ञ विकास कुमार ! औरंगाबाद में ही चलाते हैं नर्सिंग होम, फिर भी सरकारी अस्पताल से रहते हैं गायब !

समाज जागरण, सत्य प्रकाश नारायण सहायक विधि संवाददाता / धनंजय कुमार विधि संवाददाता, बिहार -प्रदेश (बिहार )

औरंगाबाद (बिहार ) 23 फरवरी 2023 :-सदर अस्पताल का नाम सुनते ही महसूस होता है कि यह औरंगाबाद जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है और यहां मरीजों की बेहतर इलाज की व्यवस्था होगी । स्वास्थ्य विभाग को सुदृढ़ बनाने के लिए, सरकारी अस्पतालों में बेहतर व्यवस्था बहाल करने के लिए उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के निर्देश पर मिशन 60 डेज का टास्क दिया गया था परंतु 60 दिन पूरे होने के बाद भी व्यवस्था की कोरम पूरा नहीं किया गया ।

मरीजों के स्वास्थ्य लाभ देने के लिए ओपीडी की समय सीमा भी बढ़ाई गई, लेकिन इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। मरीजों कों सरकारी दवा नहीं मिल पाती है जिसके कारण रोगी महंगी दवा लेने के लिए मजबूर होते हैं।

सदर अस्पताल औरंगाबाद में घुसते ही मरीजों की सोच ध्वस्त होने लगती है और अपवाद को छोड़कर सभी डॉक्टर गायब दिखते हैं जिस अस्पताल में एक डॉक्टर की जवाबदेही सैकड़ों मरीजों के इलाज की है तो अंदाजा लगा सकते हैं कि स्वास्थ्य विभाग आम लोगों के जीवन के प्रति कितना जवाबदेंह हैं।

सदर अस्पताल औरंगाबाद में हड्डी रोग विशेषज्ञ के तौर पर विकास कुमार एवं डॉ उदय प्रकाश है। हड्डी रोग विशेषज्ञ विकास कुमार अपने ड्यूटी से अक्सर गायब रहते हैं ! डॉक्टर विकास कुमार औरंगाबाद में ही नर्सिंग होम चलाते हैं , फिर भी सरकारी अस्पताल से निर्धारण समय सारणी पर नहीं आते हैं और हमेशा गायब रहते हैं! वही हड्डी रोग विशेषज्ञ उदय प्रकाश सप्ताह में 2 दिन रविवार और सोमवार को आते हैं और अपनी जिम्मेवारी निभाते हैं जिनके कंधों पर सैकड़ों रोगी देखने की जवाबदेही होती है

जग जाहिर है कि सदर अस्पताल औरंगाबाद में पूरे जिले के मरी आते होंगे आते होंगे , अगर हड्डी रोग विशेषज्ञ 2 दिनों में लगातार 24 घंटे भी मरीजों केवल देखे देंगे तो प्रति मरीज 1 मिनट के हिसाब से 1440 मरीजों काही देख सकेंगे जबकी मरीजों को केवल देखने में भी एक मरीज पर 1 मिनट से अधिक समय लग सकता है । ऐसे भी एक मरीज पर कम से कम 2 से 2:30 मिनट का समय देखने के लिए चाहिए तभी उसका मर्ज समझ में आएगा ।

सदर अस्पताल औरंगाबाद में प्रभार के तौर पर कार्य कर रहे हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर उदय प्रकाश बताते हैं कि वह अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं । सदर अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर के बैठने की व्यवस्था अभी तक क्यों नहीं बनाई गई है यह अपने आप में एक अहम सवाल है?

हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विकास कुमार जी की ड्यूटी होती है और 12:30 बजे तक डाँक्टर विकास कुमार अपने ड्यूटी पर नहीं पहुँचते हैं तो उपाधीक्षक सुनील कुमार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और डॉक्टर विकास कुमार के बदले रोगियों के आक्रोश को भी झेलना पड़ा है। यही कमोबेश स्थिति पूरे जिला के स्वास्थ्य विभाग की है ।

सदर अस्पताल औरंगाबाद में कहीं लोग पानी के लिए भटक रहे हैं तो कही ईलाज और दवा के लिए भटक रहे हैं, और जब डॉक्टर साहब ही गांव है फिर कहना ही क्या है ! सदर हॉस्पिटल औरंगाबाद में शुद्ध पेयजल पीने के लिए आरओ लगाया हुआ है लेकिन यह आरओ कब से खराब पड़ा हुआ है यह कोई बताने के लिए तैयार नहीं है।
सदर अस्पताल औरंगाबाद में मरीजों की इलाज की बात तो दूर रही एक गिलास पानी भी मरीज एवं उनके परिजनों को नसीब नहीं हो पा रहा है और सदर अस्पताल औरंगाबाद में आने वाले मरीज के परिजन बाहर से पानी की बोतल खरीदने को मजबूर हैं ।
उपरोक्त प्रकरण पर जिले के वरीय पदाधिकारी को स्वत संज्ञान लेने की जरूरत है और बाहर से आए मरीजों को सदर हॉस्पिटल औरंगाबाद में शुद्ध पेयजल की ब्यवस्था के साथ ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की पहल करने की जरूरत है ताकि सदर हॉस्पिटल औरंगाबाद में पहुंचने वाले मरीज एवं उनके परिजन राहत की सांस ले सके ।
उपरोक्त संबंध है जिला पदाधिकारी औरंगाबाद एवं सदर अनुमंडल पदाधिकारी औरंगाबाद से मंतब्य की माँग जनहित में व्हाट्सएप के माध्यम से किया गया है किन्तू संवाद का प्रेषण तक जबाब अप्राप्त हैं।


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