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पोटका के शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी जमशेदपुर में लगाने पर विधायक संजीव सरदार ने जताई आपत्ति

उपायुक्त से मिलकर उठाई मांग, कहा- शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने से छात्रों का भविष्य होगा प्रभावित

दैनिक समाज जागरण 14.05.2026 चांद कुमार लायेक (ब्यूरो चीफ) पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर

जमशेदपुर पोटका विधायक संजीव सरदार ने पोटका प्रखंड के शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं की जनगणना ड्यूटी को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन के समक्ष गंभीर चिंता जताई है। विधायक ने इस संबंध में पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त से मुलाकात कर मांग की कि पोटका प्रखंड के शिक्षकों की ड्यूटी जमशेदपुर शहरी क्षेत्र में लगाने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही निर्धारित की जाए, ताकि ग्रामीण विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्था प्रभावित न हो।


विधायक ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें ग्रामीणों, अभिभावकों तथा जनप्रतिनिधियों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि पोटका प्रखंड के कई शिक्षकों और शिक्षिकाओं को जनगणना कार्य के लिए जमशेदपुर क्षेत्र में प्रतिनियुक्त किया गया है। इससे प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही शिक्षकों की संख्या सीमित है, ऐसे में शिक्षकों को लंबे समय तक दूसरे क्षेत्र में ड्यूटी पर भेजना विद्यार्थियों के हित में नहीं है।


संजीव सरदार ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की बुनियाद होती है और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि विद्यालयों के शिक्षक लगातार जनगणना जैसे प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहेंगे तो छात्रों की पढ़ाई बाधित होगी। उन्होंने कहा कि खासकर छोटे बच्चों की पढ़ाई पर इसका सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि ग्रामीण विद्यालयों में वैकल्पिक शिक्षकों की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है।


विधायक ने यह भी बताया कि पोटका प्रखंड के कई विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी जमशेदपुर में जनगणना ड्यूटी सौंपी गई है। प्रधानाध्यापक विद्यालय संचालन की मुख्य कड़ी होते हैं और उनकी अनुपस्थिति में विद्यालय की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि इससे विद्यालयों में अनुशासन, शिक्षण कार्य तथा अन्य जरूरी गतिविधियों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।


उन्होंने उपायुक्त का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए कहा कि यदि शिक्षकों की ड्यूटी स्थानीय क्षेत्र में ही लगाई जाए तो वे विद्यालय के कार्यों के साथ-साथ जनगणना कार्य को भी बेहतर तरीके से निभा सकेंगे। स्थानीय क्षेत्र की भौगोलिक एवं सामाजिक जानकारी होने के कारण जनगणना कार्य में भी अधिक सुविधा होगी और प्रशासन को भी बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों एवं अभिभावकों में भारी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों ने उनसे मिलकर चिंता व्यक्त की है कि यदि शिक्षकों की ड्यूटी लंबे समय तक जमशेदपुर में रही तो गांव के विद्यालयों में पढ़ाई लगभग ठप हो जाएगी। इससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो सकता है।


उन्होंने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है और इसमें सभी का सहयोग आवश्यक है, लेकिन इसके साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को भी संतुलित बनाए रखना जरूरी है। प्रशासन को ऐसा समाधान निकालना चाहिए जिससे दोनों कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें। विधायक ने सुझाव दिया कि पोटका प्रखंड के शिक्षकों को पोटका क्षेत्र में ही जनगणना ड्यूटी देकर शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाया जा सकता है।


विधायक ने उपायुक्त से मांग की कि पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा कर पोटका प्रखंड के शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं की ड्यूटी जमशेदपुर से हटाकर स्थानीय क्षेत्र में निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि इससे एक ओर जहां विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन जारी रहेगा, वहीं दूसरी ओर जनगणना कार्य भी सुचारु एवं प्रभावी ढंग से पूरा हो सकेगा।
संजीव सरदार ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन ग्रामीणों और विद्यार्थियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगा, ताकि क्षेत्र में व्याप्त जनआक्रोश शांत हो सके और शिक्षा व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित होती रहे।


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