मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश): जिले में आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट “मुस्लिम जन क्रिकेट प्रतियोगिता” विवादों में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पोस्टर में लिखा था कि “अगर किसी टीम में गैर-मुस्लिम जाट खिलाड़ी पाया गया तो टीम को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया जाएगा।”

मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ आयोजकों को गिरफ्तार किया है और भेदभावपूर्ण आयोजन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि टूर्नामेंट में सिर्फ “मुस्लिम जाट खिलाड़ियों” को भाग लेने की अनुमति दी गई थी।
ट्विटर (अब X) पर इस खबर को कई यूज़र्स ने शेयर किया, जिसके बाद मामला तेजी से वायरल हुआ। सोशल मीडिया मंच Groq और X प्लेटफ़ॉर्म पर इससे संबंधित कई वीडियो व पोस्ट्स की पुष्टि की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “इस तरह का आयोजन सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की साजिश प्रतीत होता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।”
फिलहाल पुलिस ने आयोजन स्थल को सील कर दिया है और जांच जारी है।
तुम तो दीये मे हिदू तलाश रहे थे लेकिन यहाँ तो क्रिकेट भी मुस्लिम हो चुका है। लेकिन सवाल उठता है कि अगर ऐसा करना भी चाहता है को इसमे दिक्कत क्या है। इस देश मे बहुत सारे ऐसी चीज है जहाँ पर लोग एक दूसरे को वैन करते है या फिर दूर रखते है।
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