समाज जागरण दीपक सरकार
एक तरफ़ जपला मुख्य सड़क तो दूसरी तरफ़ छतरपुर-पांडु को जोड़ती है यह सड़क
सुनते हैं की पास हो गया हुजूर लेकिन कब धरातल पर दिखने को मिलेगा- ग्रामीण
छतरपुर,पलामू। जिले के छतरपुर नगर पंचायत में शामिल होने के बाद लोहराही गांव को भले ही वार्ड-14 के रूप में नई पहचान मिल गई हो, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी गांव जैसी ही है। सिल्दाग पंचायत से अलग होकर शहरी दायरे में आए इस मोहल्ले के लोग अब भी टूटी सड़कों, जलजमाव और मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। विकास के नाम पर वादे जरूर मिले, लेकिन नालियों से लेकर सड़क और बिजली तक की स्थिति जस की तस बनी हुई है। आदिवासी एक्सप्रेस के बोले छतरपुर की टीम से जब यहां के लोगों ने अपनी बातें रखीं, तो साफ हुआ कि वार्ड-14 को सिर्फ कागज पर ही शहर बनाया गया है, जमीनी सच्चाई अब भी बदलाव की बाट जोह रही है।



