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राष्ट्रीय फाइलेरिया नियंत्रण अभियानः जिला कारागार में बंदियों, स्टाफ व परिजनों को स्वास्थ्य टीम ने किया जागरूक

सदर संवाददाता/ अवधेश कुमार गुप्ता/ समाज जागरण

सोनभद्र। राष्ट्रीय फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत चल रहे व्यापक जनस्वास्थ्य अभियान के तहत शनिवार को जिला कारागार परिसर में विशेष जागरूकता एवं औषधि वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य फाइलेरिया (हाथीपाँव) जैसी गंभीर और विकलांगता पैदा करने वाली बीमारी के उन्मूलन के लिए सामूहिक दवा सेवन सुनिश्चित करना है।कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला एवं पुरुष बंदियों सहित कारागार के समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों तथा उनके परिजनों को फाइलेरिया से बचाव हेतु निर्धारित दवाएं खिलायी गयी साथ ही उपस्थित लोगों को रोग के कारण,लक्षण,बचाव और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।


जिला कारागार अधीक्षक अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि जिला चिकित्सा अधिकारी के कुशल नेतृत्व में संचालित एमडीए-आईडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान के तहत जिला कारागार में निरुद्ध 595 पुरुष बंदियों एवं 30 महिला बंदियों को दवा का सेवन कराया गया। इसके अतिरिक्त कारागार स्टाफ और उनके परिवारजनों को भी दवा देकर अभियान की प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया।स्वास्थ्य टीम द्वारा बताया गया कि फाइलेरिया एक परजीवी जनित रोग है जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है।यह रोग धीरे-धीरे शरीर केअंगों-विशेषकर पैरों, हाथों और जननांगों मेंअसामान्य सूजन उत्पन्न कर देता है, जिससे झव्यक्ति स्थायी रूप से विकलांग भी हो सकता है। विशेषज्ञों ने बताया कि यह बीमारी शुरुआती अवस्था में पहचान में नहीं आती, इसलिए सरकार द्वारा दी जाने वाली दवा का सेवन करना अत्यंत आवश्यक है। राष्ट्रीय फाईलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला कारागार बंदियों को जागरुक कर दवा का किया गया।


इस अवसर पर मुख्य रूप से कारागार चिकित्साधिकारी डा. अमित कुमार सिंह, प्रभारी जेलर शंशाक पटेल,उप जेलर गौरव कुमार, उपजेलर गंगा प्रसाद यादव, उप जेलर सुश्री गरिमा कुमारी समेत तमाम लोग लोग उपस्थित थे।


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