वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार आगामी 12 सितंबर 2026 को व्यवहार न्यायालय परिसर, किशनगंज में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसके तहत संबंधित विभागों, अधिवक्ताओं और पुलिस पदाधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन की रणनीति बनाई जा रही है।
इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, किशनगंज के सचिव ओम शंकर ने जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एवं सचिव, जिला अभियोजन पदाधिकारी तथा अन्य अभियोजन पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक की। बैठक में समझौता योग्य मामलों की पहचान कर उनका अधिक से अधिक संख्या में त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। सचिव ने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से विवादों का समाधान कराने के लिए प्रेरित करें।
इससे पूर्व बीते शुक्रवार को जिले के सभी थानाध्यक्षों के साथ भी बैठक आयोजित की गई थी। इसमें संबंधित मुकदमों के नोटिस का शत-प्रतिशत तामिला सुनिश्चित करने तथा आम लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया।
सचिव ओम शंकर ने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य आम लोगों को सुलभ, सस्ता और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। लोक अदालत में आपसी सहमति से मामलों का निपटारा किया जाता है। यहां पारित समझौता आधारित निर्णय अंतिम होता है और उसके विरुद्ध सामान्यतः अपील का प्रावधान नहीं होता। इससे पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलने के साथ समय और धन की भी बचत होती है।
इन मामलों का हो सकेगा निपटारा
राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक समझौता योग्य मामले, प्ली बार्गेनिंग, परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत चेक बाउंस के मामले, धन वसूली, मोटर दुर्घटना दावा, समझौता योग्य यातायात चालान, श्रम विवाद, सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवाद, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद (तलाक को छोड़कर), भूमि अधिग्रहण, सेवा एवं पेंशन संबंधी मामले, राजस्व मामले तथा अन्य सिविल विवादों का निपटारा किया जा सकता है।
इसके अलावा किराया विवाद, सहज अधिकार, निषेधाज्ञा तथा विशिष्ट प्रदर्शन से संबंधित वाद भी लोक अदालत में आपसी सहमति के आधार पर निपटाए जा सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने लंबित एवं समझौता योग्य मामलों के समाधान के लिए 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं।
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