मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अधिकारियों को योजनाओं में समयबद्धता, गुणवत्ता और परिणाम सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
लखनऊ, 24 अगस्त। उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को गति देने के लिए सोमवार को विधानसभा कार्यालय में कौशल विकास, उद्योग एवं रोजगार से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं और औद्योगिक साझेदारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ डेलॉयट के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि कौशल विकास, उद्योग और रोजगार 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तंभ हैं। इन तीनों क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रदेश की युवा शक्ति को आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रशिक्षण को उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं से जोड़ना जरूरी है। इसके लिए मांग आधारित पाठ्यक्रम, आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योगों के साथ सीधे समन्वय पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण से रोजगार और उद्यमिता तक जोड़ने पर जोर
बैठक में कौशल कनेक्ट सेल, उद्यम मेला, मानक संचालन प्रक्रिया, इंडस्ट्री विजिट, टाटा टेक्नोलॉजीज की आईटीआई उन्नयन परियोजना, राज्य इंटर्नशिप योजना और सीआईआईआईटी से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन पहलों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखा जाए। युवाओं को प्रशिक्षण से इंटर्नशिप, इंटर्नशिप से रोजगार और रोजगार से उद्यमिता तक जोड़ने की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए।
स्थानीय उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार हो प्रशिक्षण
बैठक में जिला स्तरीय उद्योग समन्वय को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक जिले में स्थानीय उद्योगों की आवश्यकताओं और रोजगार की संभावनाओं का आकलन कर उसके अनुरूप कौशल प्रशिक्षण की कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।
इस दौरान इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, फर्नीचर एवं फिटिंग्स स्किल काउंसिल तथा जीटीटी फाउंडेशन से संबंधित प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई।
आईटीआई को आधुनिक कौशल केंद्र बनाने के निर्देश
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने टाटा टेक्नोलॉजीज की आईटीआई उन्नयन परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से आईटीआई को युवाओं के लिए अत्याधुनिक कौशल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सीआईआईआईटी जैसी पहल उद्योग और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
समयबद्धता और जवाबदेही पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं और परियोजनाओं के लिए स्पष्ट समय सीमा एवं जवाबदेही तय की जाए। कार्ययोजनाओं को प्रभावी, परिणामोन्मुखी और त्वरित गति से पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की विशाल युवा आबादी प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति है। युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित कर रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना न केवल उनके भविष्य को मजबूत करेगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा।
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