

फुलचांद पारित, समाज जागरण, संवाददाता, नीमडीह
नीमडीह (झारखंड), 20 सितंबर 2023 : कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने, कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध करने और प्रकृति धर्म कोड लागू करने की मांग पर आदिवासी कुड़मी समाज अनिश्चितकालीन रेल टेका व डहर छेंका आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। आंदोलन के पहले दिन बुधवार को नीमडीह स्टेशन पर सुबह से आंदोलन का कोई असर नहीं देखा गया। ट्रैक पर ट्रेनों का आवागमन सामान्य है। स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। रेलवे पुलिस के अलावा जीआरपी, आरपीएफ व जिला पुलिस के जवान महिला बल के साथ मुश्तैद है। बुधवार को सुबह से हावड़ा-चक्रधरपुर, हटिया-टाटा, चक्रधरपुर-गोमो, पुरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, टाटा-आरा एक्सप्रेस, झाडग्राम-पुरुलिया पैसेंजर, रांची-हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस समेत कई अन्य यात्री और मलबहक ट्रेनों का आवागमन सामान्य रूप से हो चुका है।
अनिश्चितकालीन रेल टेका व डहर छेंका आंदोलन झारखंड के नीमडीह, घाघरा, मुरी व गोमो रेलवे स्टेशन पर आहूत की गई है। आंदोलन को लेकर कुड़मी समाज के लोग मंगलवार शाम से ही जुटने लगे थे। बुधवार सुबह से रूक-रूककर हो रही बारिश ने आंदोलन में खलल डालने का काम किया। बारिश के कारण लोगों का जुटान अपेक्षाकृत कम देखा जा रहा है। वैसे रघुनाथपुर से नीमडीह स्टेशन और पटमदा की ओर से नीमडीह स्टेशन पहुंचने वाली सड़क पर कुड़मी समाज के आंदोलनकारियों को पुलिस रोककर रखी है। सड़क के दोनों छोर पर महिला व बच्चों के साथ हर उम्र के लोग जुटे है।
*दंडाधिकारी आंदोलन कारियों को समझाने का कर रहे हैं प्रयास*
दंडाधिकारी नीमडीह के सीओ सह बीडीओ संजय कुमार पांडे आंदोलन कारियों को ध्वनियंत्र के माध्यम से अनाउंस कर आंदोलन को स्थगित करने हेतु समझाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने धारा 144 का हवाला देते हुए कहा कि कानून का उल्लंघन न करें। कानून का उल्लंघन करने पर मामला दर्ज किया जायेगा।
*जिद पर अड़े हैं आंदोलनकारी*
नीमडीह स्टेशन के सामने स्थित फाटक से दो सौ मीटर की दूरी पर सड़क के दोनों ओर आंदोलनकारियों को पुलिस रोककर रखी है। पुलिस-प्रशासन सभी आंदोलनकारी को यह समझाने का प्रयास कर रही है कि नीमडीह स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू किया गया है। ऐसे में स्टेशन और उसके आसपास के क्षेत्र में मजमा लगना कानून का उल्लंघन करना है। वही आंदोलनकारी अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रेल टेका डहर छेंका आंदोलन को अंजाम तक पहुंचाने की जिद पर अड़े हुए हैं। दिन के 11 बजे तक पुलिस आंदोलनकारियों को रेलवे स्टेशन और रेलवे ट्रैक के किनारे तक भी पहुंचने नहीं दी है।